October 24, 2021
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वास्तविक बेरोजगारों का हक मार कर 406 भृत्य व 7 अनुकम्पा फर्जी नियुक्ति करने वाले दोषी शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर ,जांच एजेंशी व सरकार की मेहरबानी क्यों-मोर्चा

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*दोषियों के खिलाफ दो जिला शिक्षा अधिकारी व डिप्टी कलेक्टर की जांच रिपोर्ट में दोषी ठहराए जाने के बाद भी ,कमिश्नर बस्तर द्वारा दोषियी को निलबन करने व एफ आई आर की कार्यवाही देरी क्यों?-मोर्चा

*उक्त घटना में दोषी लोगो पर सरकार व प्रशासन ने कार्यवाही नही की ,तो लॉक डाउन के बाद होगा उग्र आंदोलन की शुरुवात -मोर्चा

*पूरे घटना कर्म की रिपोर्ट बना बस्तर अधिकार सयुक्त मुक्ति मोर्चा का दल कार्यवाही हेतु ,छ .ग. राज्यपाल,मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव से करेगा मुलाकात-मोर्चा

*दोषियों पर कार्यवाही व घटना की जानकारी देने वह आंदोलन के अभियान से बस्तर के बेरोजगारों को जोड़ने, मोर्चा चलाएगा मेरा रोजगार ,मेरा अधिकार कार्यक्रम-मोर्चा

जिया न्यूज़:-जगदलपुर,

जगदलपुर:-बस्तर अधिकार सयुक्त मुक्ति मोर्चा के सयोंजक नवनीत चाँद ने सरकार व जांच एजेंशियो पर दोषियों पर अब तक कार्यवाही नही किये जाने पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर जिला के शिक्षा विभाग में भाजपा के शासन कॉल में 2018 में वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी व उनके कर्मचारियों द्वारा शासन द्वारा निर्धारित भर्ती नियमो को ताक में रख ,बिना विज्ञापन ,चयन समिति वह शासन से बिना अनुमति लिए एवं अनुकम्पा नियुक्तियों में सिर्फ शपत पत्र लेकर बिना जांच नियमो को ताक में रख जिले में भर्तियां कर दी गई है। जिसमे कर्मचारी संघठन के शिकायत व शिक्षा मंत्री के निर्देश में 2019 से जिला कलेक्टर व बस्तर कमिश्नर को जांच एजेंशी बना जांच के आदेश दिए गए जिसमे एजेंशियो के आदेश में 1 डिप्टी कलेक्टर व दो जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा विभागीय जांच कर कलेक्टर व कमिश्नर को जांच प्रतिवेदन सौपा गया है। जांच प्रतिवेदन में घटना के समय पदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी व कर्मचारियो द्वारा शासन के नियमो के विरुद्ध भर्ती करना पाया गया है। वह अनुकम्पा नियुक्ति भी नियम विरुद्ध करना बताया गया है। इस प्रतिवेदन की कॉपी शिक्षा विभाग व सनचनालय को भी भेजा गया है। भाजपा के शासन काल मे हुए फर्जी भर्तियों को अंजाम देने वाले अधिकारी व कर्मचारियो को कांग्रेस के शासन काल मे सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों का संरक्षण मिल रहा है। यही कारण है कि उक्त घटना में दोषी अधिकारी पुनः मूल पद पर पदस्थापना भी प्राप्त करता है। और शासन से अनुमोदन भी ,बेरोजगारों को रोजगार देने व घटना पर कांग्रेस व भाजपा आरोप प्रत्यारोप का खेल- खेल वास्तविक काबिल बेरोजगारों का हक मार भ्र्ष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अधिकारी व कर्मचारियों को संरक्षण दे विभागों को भ्र्ष्टाचार का चारागाह बना रहे हैं। जो बस्तर अधिकार सयुक्त मुक्ति मोर्चा बर्दास्त नही करेगा और न बस्तर का बेरोजगार ,मोर्चा द्वारा सरकार व जांच एजेंशियो को जगाते हुए निवेदन किया जाता है कि मोर्चा द्वारा दिए गए ज्ञापन पर दोषियों पर कार्यवाही नहीं कि जाति है। तो मोर्चा द्वारा सड़क पर उतर कर आंदोलन का चरण प्रारम्भ कर मेरा रोजगार मेरा अधिकार अभियान प्रारंभ कर इस घटना को बस्तर के कोने -कोने तक बसे बेरोजगारों तक पहुचा कर उग्र आंदोलन बनाने की शुरुवात कर किया जाएगा। लॉक डाउन खत्म होते ही बस्तर अधिकार सयुक्त मुक्ति मोर्चा उक्त घटना पर कार्यवाही की मांग को लेकर छ. ग.के राज्यपाल ,मुख्यमंत्री, वह प्रमुख सचिव से मिलेगा

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