November 30, 2022
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लौह नगरी किरंदुल में कुर्बानी का त्योहार बकरीद शनिवार को सौहार्दपूर्वक मनाई गई।

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जिया न्यूज़:-रवि दुर्गा-किरंदुल,

किरंदुल । लौह नगरी किरंदुल में कोरोना लॉकडाउन के दौरान जिस तरह मीठी ईद शांति और सौहार्दपूर्वक मनाई गई थी, उसी तरह बकरीद भी शांति और सौहार्दर्पूर्वक मनाई गई। किसी भी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं किया गया। लौह नगर किरंदुल की दोनों मजिस्दों में सिर्फ पांच लोग ईद उल अजहा की नमाज अदा करने का फर्ज निभाया।

पिछले एक सप्ताह से मुस्लिम समाज के लोग बकरीद मनाने की तैयारियों में लगे हुए थे। कोई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों से बकरा लाने तो कोई अपने परिचितों, रिश्तेदार जो दूसरे राज्यों में हैं, उन्हें कुर्बानी देने के लिए लोग राशि भेज रहे थे। क्योंकि इस बार बकरा बाजार नहीं लगा। इधर जिला प्रशासन ने शुक्रवार और शनिवार को खरीदारी करने के लिए कुछ दुकानों को पाबंद से आंशिक छूट दिया गया था।

कोरोना काल की इस वैश्विक महामारी को ध्यान में रखते हुये 1 अगस्त को बकरीद होने से सुबह 10.30 बजे तक मुस्लिम समाज के लोग खरीदारी किया ।
पहले जैसा माहौल नहीं है। कोरोना संक्रमण के कारण पहले जैसा त्योहार मनाने का माहौल नहीं है। क्योंकि तेजी से संक्रमण बढ़ रहा है। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी ने प्रदेशभर की मजिस्दों, दरगाह कमेटियों से शांति पूर्वक बकरीद मनाने की अपील करते हुए शासन-प्रशासन के नियमों का पालन करने कहा है।

बकरीद की मौके पर बबलू सिद्दीकी ने अपील करते हुये कहा कि ईद-उल-अज़हा (बकरा ईद)कुर्बानियों का त्योहार है।
कुर्बानी सिर्फ पैसो की या जानवर की ही ना करें ! अपनी ज़िद, अना, हसद, अकड़, बदगुमानी, बुग्ज़, अदावत और उन तल्ख़ लहजों को भी कुर्बान करें जिनसे तल्ख़ियां जन्म लेती है ।
नियत साफ होगी तो कुर्बानी कबुल होगी

इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के द्वारा शासन प्रशासन की गाइड लाइन का पूरा पूरा पालन किया गया ।

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