June 25, 2021
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अयोध्या राम जन्मभूमि आंदोलन में बस्तर की भी रही भूमिका कार सेवकों का संकल्प 5 अगस्त 2020 को होगा पूरा, श्री राम मंदिर शिलान्यास एक नए युग की शुरुआत, बस्तर के 138 कार्यकर्ता को जेल जाना पड़ा

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जिया न्यूज़:-जगदलपुर,

जगदलपुर:-श्री राम मंदिर शिलान्यास 5 अगस्त 2020 को एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है,अयोध्या राम जन्मभूमि आंदोलन में बस्तर के कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही थी, 5 अगस्त 2020 को कार सेवकों का संकल्प पूरा होने जा रहा है। 4 अगस्त 2020 को कार सेवकों का सम्मान भी किया जाएगा ,साथ ही साथ समस्त कार्यकर्ता अपने अपने घरों में भगवा झंडे लगाने के साथ-साथ बाकी को भी झंडे लगाने हेतु प्रेरित करेंगे एवं 5 अगस्त 2020 को 11:30 से 1:00 बजे के बीच चौक चौराहे में वह घर व मंदिरों में भगवान राम की पूजा की जाएगी एवं 05 अगस्त को शाम 7:00 बजे अपने अपने घरों में दिया जलाने के साथ-साथ आतिशबाजी व पटाखे फोड़े जाएंगे।

भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संग्राम सिंह राणा ने बताया कि कार सेवा आंदोलन के सूत्रधार, योजनाकार एवम रचनाकार आंदोलन को गति देने में राज बहादुर सिंह राणा जी थे,उनके साथ सहयोगी के रूप में विभाग प्रचारक शिवराम समदरिया,सनत कुमार महाजन,विश्वनाथ बोगी,स्व.अमर देव ,श्रीनिवास मिश्रा जी थे। इस आंदोलन को गति देने में प्रमुख रूप से योगदान रहा है,श्रीनिवास मिश्रा जी ने अयोध्या राम जन्म भूमि आंदोलन में जाने वाले कार सेवकों का परिचय पत्र जारी किए थे,स्व.अमर देव जी के साथ विजय तिवारी,राधे कृष्ण पांडेय,शिव नारायण पांडेय,सुधीर पांडेय,शेष नारायण तिवारी ,प्रेम थवनी, श्रीधर ओझा सहित अन्य लोगो का आंदोलन में विशेष योगदान रहा।जगदलपुर में प्रथम बैठक 1986 दिसंबर में ओसवाल भवन में की गई थी,1987 से पूरे संगठन का ढांचा तैयार किया गया,पूर्व राज्य सभा सदस्य श्री गोपाल व्यास जी एवम राज बहादुर सिंह राणा जी ,स्व.बलिराम कश्यप,विजय तिवारी,राधे कृष्ण पांडेय,स्व.करसन दास हेमानी,बी.एल.झा जी,कल्याण आश्रम से द्वारिकचार्य के मार्गदर्शन से आंदोलन आगे बढ़ा।आंदोलन क्रमबद्ध तरीके से चला,पहले रामशिला पूजन,ज्योति रथ यात्रा,चरण पादुका पूजन के बाद अयोध्या चलो आंदोलन चला।कारसेवकों में जाने वालों में बस्तर से भाजपा के छह विधायक राम जन्मभूमि आंदोलन में अयोध्या गए थे जिसमें जगदलपुर के विधायक दिनेश कश्यप, कोंडागांव के विधायक मंगल राम उसेंडी ,केशलुर के विधायक संपत सिंह भंडारी, चित्रकूट की विधायक धनीराम पुजारी, केशकाल के विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव, नारायणपुर के विधायक शंभू नाथ नायक थे

उस समय भारतीय जनता पार्टी के विधायक 8 हुआ करते थे,जिसमें स्व.बलीराम कश्यप,अघन सिंह ठाकुर जो मंत्री के रूप में अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे थे, 30 अक्टूबर से 2 नवंबर 1990 के बीच प्रथम कार सेवा प्रारंभ हुई थी, उत्तर प्रदेश में भाजपा के समर्थन से मुलायम सिंह की सरकार थी,संयुक्त मोर्चा की सरकार केंद्र में भाजपा के समर्थन से थी ।भारत देश के प्रधानमंत्री वीपी सिंह थे। बस्तर जिले से कार सेवक के रूप में 6 विधायकों के साथ-साथ 56 कार्यकर्ता कारसेवक के रूप में गए थे, 56 लोगों में बस्तर से स्व.अमर देव,सुशील दास , देवेश मिश्रा,प्रफुल्ल दास, राणा घोष, आनंद कलवानी, दयानंद झा, प्रकाश शुक्ला, शिव प्रसाद गुप्ता, पुखराज सिंह ठाकुर ,शिव लाल सेठिया, रामेश्वर, रघुनाथ, रतन कश्यप ,सुवर्धन सेठिया, बलराम भारती ,राम सिंह ठाकुर, देवेंद्र साठिया, स्व.पुरुषोत्तम ठाकुर ,श्री राम गुप्ता, शिव लाल सेठिया ,विजय तोमर सहित 56 कार्यकर्ता कार सेवा में गए थे जहां उत्तर प्रदेश के मुलायम सिंह सरकार ने सैकड़ों की संख्या में कारसेवकों के ऊपर बंदूकों एवं लाठियों से प्रहार कर कई कारसेवकों को मार दिया गया था जिसमें कई कारसेवक शहीद हुए थे। उसके बाद 6 दिसंबर 1992 में दूसरी बार कारसेवक अयोध्या के राम जन्मभूमि आंदोलन में शामिल हुए थे, उस समय उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश ,मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी एवं देश के प्रधानमंत्री स्व.नरसिम्हा राव थे, 1990 में केंद्र व उत्तर प्रदेश की सरकार से भारतीय जनता पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया था जिससे केंद्र एवं राज्य में सरकार गिर गई थी, उस समय देश में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था जब चुनाव हुए तब भारतीय जनता पार्टी की सरकार 1991 में उत्तर प्रदेश ,हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में सरकार बनी। 6 दिसंबर 1992 मे द्वितीय कार सेवा हुई तब बाबरी ढांचा को ढहाया गया, उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जी थे उसके तुरंत बाद उन्होंने अपने मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र दे दिये थे,8 दिसंबर 1992 को पूरे देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद एवम भाजपा संघ के नेताओ की गिरफ्तारी की गई, कार सेवा में जाने से पहले गिरफ्तार होने वालों में बस्तर से राज बहादुर सिंह राणा ,शरद अवस्थी, स्व. शशि शंकर शुक्ला,शेष नारायण तिवारी,शिव नारायण पांडेय,सुधीर पांडेय,श्रीनिवास मिश्रा,अभय साहू, प्रसाद शुक्ला,राम सिंह ठाकुर, स्व.मणिकांत झा,आंनद कलवनी, बिठलू राम, रामलला पांडे,श्रीधर ओझा सहित अन्य आंदोलन कारियो को गिरफ्तार किया गया,, जो 4 दिन सेंट्रल जेल जगदलपुर में थे पांचवे दिन जमानत पर रिहा हुए, जेल में 138 लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था,उस समय संघ का कार्यालय तिवारी बिल्डिंग में हुआ करता था,, 9 दिसंबर 1992 को 4 प्रदेशों जिसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। द्वितीय कार सेवा 1992 में 127 कार्यकर्ता अयोध्या के राम जन्मभूमि आंदोलन में बस्तर से गए हुए थे।

शहीद हुए हमारे सैकड़ो कारसेवकों को मैं नमन करता हूं उनमें से कोलकाता के कोठारी बंधु एवं जबलपुर मध्य प्रदेश के सुनील यादव जी थे मैं उन्हें सत सत नमन करता हूं

कार सेवकों का संकल्प 5 अगस्त 2020 को पूरा होने जा रहा है मैं समस्त सम्मानीय कारसेवकों को बधाई देता हूं।रामराज्य का पुनरुद्धार होने जा रहा है समस्त राम भक्तों को बधाई देता हूं

अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के अगुवाई करने वालों में सर्व प्रथम कल्याण सिंह,भीष्म पितामह कहे जाने वाले श्री लालकृष्ण आडवाणी, विश्व हिंदू परिषद के महासचिव अशोक सिंघल, विनय कटियार,रामचंद्र दास परमहंस, महंत नृत्य गोपाल दास, महंत अवैध नाथ, महंत दिग्विजय नाथ, स्वामी रामदेव, स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी, डॉ रामविलास वेदांती इस आंदोलन से जुड़े हुए थे,संघर्ष करने वालो में पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेई , डॉ मुरली मनोहर जोशी, वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ,वर्तमान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, साध्वी रितंभरा, उमा भारती जी को मैं सादर प्रणाम करता हूं।

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