August 8, 2022
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नगरपालिका परिषद में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा निर्देश का पालन नही हो रहा नगरी प्रशासन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का फ्लैक्स लगा कर खानापूर्ति कर रहा है

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जिया न्यूज़:-दिनेश गुप्ता के साथ सुभाष यादव-दंतेवाड़ा,

दंतेवाड़ा- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का गठन एक सांविधिक संगठन के रूप में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के अंतर्गत सितंबर 1974 को किया गया।इसके पश्चात् केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के अंतर्गत शक्तियाँ व कार्य सौंपे गए।

यह बोर्ड क्षेत्र निर्माण के रूप में कार्य करने के साथ-साथ पर्यावरण (सुरक्षा) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के अंतर्गत पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को तकनीकी सेवाएँ भी उपलब्ध कराता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रमुख कार्यों को जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत वर्णित किया गया है।
दंतेवाड़ा नगरपालिका परिषद दंतेवाड़ा गणेश विसर्जन के वक़्त ही , केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशानिर्देश इनको याद आता है। बाकि समय नियम याद नही रहता, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार देश में नदियों के प्रदूषण में इजाफा हुआ है।
नगर के डंकनी नदी जिसमे औद्योगिक, घरेलू, व्यवसायिक प्रतिष्ठनो, अस्पताल से उत्पन्न संक्रमित जल से डंकनी नदी प्रदूषित हो रही है। इस पर नगरपालिका परिषद का ध्यान नही, विभाग ने विसर्जन स्थल पर जो बोर्ड लगा रखा है, महज 50 मीटर की दूरी पर जिला अस्पताल व नगरवासियों के घरेलू प्रदूषित जल नाले से होता हुवा नदी में छोड़ा जा रहा है।

जिला अस्पताल में ट्रीटमेंट प्लांट नही होने की वजह से अस्पताल का संक्रमित पानी नाले के माध्यम से डंकनी नदी को प्रदूषित कर रहा है।
गौरतलब करने वाली बात है कि नगर में पीने के पानी की सप्लाई इसी नदी से की जाती है। जो कि नाले से जो प्रदूषित पानी नदी में छोड़ा जाता है। जल शोध सयंत्र महज 100 मीटर की दूरी पर है। नगरी प्रशासन नगरवासियों को पीने के पानी के नाम पर प्रदूषित जल पिला कर उनके स्वास्थ्य एवं जान के साथ खिलवाड़ कर रही है।

वर्जन
इस सम्बंध में मुख्य नगरपालिका अधिकारी से फोन पर सम्पर्क कर चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का निर्देश है, की आप गन्दा पानी नदी में नही छोड़ सकते उन्होंने कहा।
अस्पताल से जो संक्रमित पानी नाले के माध्यम से डंकनी नदी में मिल रही इसपे आपका क्या कहना है। तो उन्होंने कहा इस सम्बंध में सम्बंधित विभाग को पत्र भेजा गया है।
वाटर प्लांट जो उसी जगह पर महज 100 की दूरी पर है, जिससे पूरे नगर में पीने के पानी की सप्लाई होती है। तो उन्होंने कहा की मेरी पोस्टिंग अभी हुई है। इस सम्बंध में कुछ जानकारी नही है फ़ाइल देख कर बता पाऊंगा।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी दंतेवाड़ा
लाल सिंह मरकाम

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