June 17, 2021
Uncategorized

450 रुपये के ट्रीगार्ड तैयार करने में वन परिक्षेत्र गीदम ने किया 420 का काम सरकार के पैसे की बर्बादी की हकीकत को बयां करता है ट्रीगार्ड

Spread the love

जिया न्यूज़:-दिनेश गुप्ता के साथ सुभाष यादव-दंतेवाड़ा,

दंतेवाड़ा- कांग्रेस की भूपेश सरकार बनते ही सरकार ने नेक इरादे से प्रदेश में पर्यावरण की सुरक्षा एवं हरियाली लौटाने के लिये पौधरोपण का काम चालू किया। पौधों को जानवरों से बचाया जा सके इसके लिये ट्रीगार्ड निर्माण के लिये दंतेवाड़ा वनमण्डलाधिकारी को आदेश जारी किया गया। और राशि भी जारी कर दी गई। पर वन परिक्षेत्र गीदम ने कोरलापाल ग्राम पंचायत में 450 रुपये ट्रीगार्ड निर्माण में 420 का काम किया है।

सड़क किनारे रोपे गए पौधों को आवारा पशुओं से बचाने के लिये गांव में रोपे गये पौधों की सुरक्षा के लिये ट्रीगार्ड तैयार कराये गए। प्रत्येक ट्रीगार्ड की निर्माण लागत 450 रुपये है। इसे बनाने में चतुर्भुज आकार के बास की बल्ली, चारो कोनो में 12-12 बास के बत्ते ऊँचाई 6 फीट होनी चाहिए। परन्तु विभाग ने ट्रीगार्ड निर्माण मानक के अनुरूप नही किया।

पूरा मामला पकड़ में आने के बाद गीदम रेंजर बचाव का रास्ता ढूंढने में लगे हुए है। इस तरह पर्यावरण संरक्षण को चलाने वाले विभाग के अफसर अभियान में भ्रष्टाचार कर पर्यावरण संरक्षण अभियान में पलीता लगा रहे है।
आपको जानकर हैरानी होगी, विभाग प्रमुख का स्पष्ट आदेश था। कि ट्रीगार्ड का निर्माण स्थानीय स्व सहायता समूह, वन प्रबन्धन समिति के द्वारा करवाया जाना था। इसके उपरांत भी गीदम रेंजर सुखदास नाग ने उच्च अधिकारी के आदेशों की अवहेलना कर ट्रीगार्ड का निर्माण किसी और से करवा दिया।

इससे ग्रामीणों में आक्रोश है जामुन बता रहे है कि ट्रीगार्ड जंगल से पेड़ काटकर, बास के टुकड़े,व छिंद पलगा लगा कर कर दिये है। वही रामचरण का कहना है, लाकडाउन के बाद हम युवा बेरोजगार बैठे है। जो काम समूहों के माध्यम से करवाया जाना था। गीदम रेन्ज ऑफिस ने अपने फायदे के लिये किसी और से करवा लिया।
ग्रामीणों ने वन विभाग के पौधरोपण अभियान पर सवाल उठाया और कहा धन की बंदरबांट के लिये जहां-तन्हा पौधा लगा दिया जाता है। लेकिन पलटकर कोई देखने नही आता। खुद की कमी अब वह विभाग आवारा पशुओं पर सौंप कर ट्रीगार्ड का निर्माण कर बृहद पैमाने में भ्रष्टाचार कर रही है। खुले तौर पर लूट होते देख कर भी अधिकारी मामले की लीपा पोती करने में कमी नही छोड़ रहे है।

इन सब मामलों की शिकायत कोरलापाल के ग्रामीणों ने फोन पर दंतेवाड़ा कलेक्टर को की है कलेक्टर सर ने पूरे मामले की जांच करवाने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया है।
दंतेवाड़ा कलेक्टर
दीपक सोनी

Related posts

कलेक्टर विनीत नन्दनवार ने कार्य में लापरवाही बरतने पर की कठोर कार्यवाही
सहायक ग्रेड-02 चंद्रशेखर चंद्राकर को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

jia

धुर नक्सल प्रभावित गांव गुमियापाल में अंदरूनी क्षेत्र से पहुंचे 5000 ग्रामीणों ने विश्व आदिवासी दिवस मनाया बड़े धूमधाम से

jia

Chhttisgarh

jia

Leave a Comment

error: Content is protected !!