June 25, 2022
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जेल बंदी रिहाई मंच के बैनर तले आदिवासियों ने खोला मोर्चा, निर्दोष आदिवासियों और विचारधीन कैदियों के रिहाई की मांग, राज्य सरकार पर वादा खिलाफी का लगाया आरोप।

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जिया न्यूज़:-दिनेश गुप्ता-दंतेवाड़ा,

दंतेवाड़ा:-जेल बंदी रिहाई मंच के बैनर तले अपनी समस्याओं व अपने परिजनों को छुड़ाने के लिये कई गॉवो के ग्रामीण श्यामगिरी,दुगेली के पास एकत्र हो रहे थे। लेकिन कोरोना संक्रमण को ध्यान में रहते हुये पुलिस प्रशासन ने इस आंदोलन पर कड़ाई बरतते हुये व बल का प्रयोग करते हुये ग्रामीणों को वापस जाने के लिये विवश कर दिया। साथ ही कुछ लोगो को गिरफ्तार भी किया गया। आंदोलन में पहुंचे ग्रामीणों को पुलिस प्रशासन द्वारा बल का प्रयोग कर खदेड दिया गया। जिसके बाद ग्रामीण पहाड़ों और जंगलो में छिप गये। अपने जन प्रतिनिधियों नेताओ के आने के बाद सारे ग्रामीण वापस जंगलों से निकल कर सड़क पर वापस आ गये। आंदोलन में उपस्थित ग्रामीणों ने अरविंद नेताम को अपनी समस्या बताई जिसके बाद अरविंद नेताम ने उनके साथ कदम से कदम मिला कर चलने और अंतिम समय तक साथ देने का वादा किया । इसी बीच ग्रामीणों ने अरविंद नेताम के सामने ये भी शिकायत की के आंदोलन के बीच से कुछ ग्रामीणों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर ले जाया गया और ग्रामीणों को खदेड़ने के लिए लाठियां भी चलाई जिससे क्रोधित होकर अरविंद नेताम और सोनी सोरी व सुजीत कर्मा ने ग्रामीणों के साथ मिलकर थाने का घेराव किया।आज की कोरोना संकट में जेल बंदियों का स्थिति और दयनीय हो गई है। कितने लोगो में कोरोना संक्रमण हुआ है? कितने कैदियो की मौत हुई है ये भी पता नहीं है । इस हालत में संवैधानिता,मौलिक अधिकारों को बचाने के लिए जब भी आदिवासी जन आंदोलन करने और अपने मांगो को लेकर संघर्ष तेज करते है तो उनको भी जेल में झूठे प्रकरणों में फसा के जेल में बंद किया जा रहा है ।चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार ने आश्वासन दिया था के फर्जी एनकाउंटर और फर्जी मुठभेड़ बंद होगी और निर्दोष आदीवासी बंदी और विचारधीन बंदी,कैदियों के रिहाई की जाएगी, परन्तु अभी तक सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं हो पाने के कारण आज आंदोलन के रूप में जेल बंदी रिहाई मंच ने निम्न बिंदुओं पर अपनी मांगे रखी। जिनमे पुलिस प्रशासन द्वारा नक्सली नाम से जेल में बंद सभी निर्दोष आदिवासियों को तुरंत रिहा किया जाये।चुनाव से पहले सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी द्वारा किया गया आश्वाशन को अमल में लाया जाये।कोरोना महामारी संकट से कैदियों का जान बचाने के लिए जमानत पर तुरंत रिहा किया जाये।विचारधीन कैदियों को नियमित रूप से कोर्ट में पेश किया जाये।जेल में बंद कैदियों को उनके परिवार वालो से, मित्रो से मुलाकात करने का मौका देना चाहिए उन्हें जरूरतमंद समान मिलना चाहिए।जेल में उनके क्षमता के अनुरूप ही कैदियों को रखना चाहिये।जेल में अपनी समस्या बता रहे कैदियों को बर्बर तरीके से पीटा जा रहा है इस गैर कानूनी अमानवीय कृत्य को रोकना चाहिये। पिछले साल जेल बंदी रिहाई मंच ने मुख्यमंत्री के साथ किये गये बैठक में शासन द्वारा माने गये मांगो को अमल में लाना चाहिये।जेल मैनुअल के हिसाब से भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित कैदियों ने बीमारी और मौत की शिकार होने की संभावना अधिक होती है।साफ सफाई शुद्ध पेय जल और खाने पीने का व्यवस्था में सुधार लाया जाना चाहिये।

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