June 20, 2021
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कोरोना की आड़ में 200 क्विंटल चावल की हेरा फेरी का मामला, जिले के अंदरूनी ब्लॉक कटेकल्याण के गुडसे का मामला, मुखबिर की सूचना के आधार पर एसडीएम लिंगराज सिदार ने की कार्यवाही,

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जिया न्यूज़:-दंतेवाड़ा,

दंतेवाड़ा:-कोरोना काल में भी गरीबों के हक में डाका डालने का खेल जिले में लगातार जारी है। ऐसा ही एक मामला जिले के अंदरूनी ब्लॉक कटेकल्याण के गुडसे क्षेत्र में संज्ञान में आया है। दरअसल मामला यह है कि 18 तारीख को वेयर हाउस दंतेवाड़ा से शासकीय उचित मूल्य की दुकान गुडसे के लिये 200 क्विंटल चावल गाड़ी क्रमांक CG18H 1254 में लोड होकर शाम को निकला था। परंतु चावल संबंधित ग्राम गुडसे कॉपरेटिव में नहीं पहुंचा। जिसके बाद मामला प्रकाश में आया। मामला प्रकाश में आने के पश्चात एसडीएम लिंगराज सिदार की टीम जांच में जुट गया। जांच के दौरान चावल से लदे संबंधित ट्रक को बैंक चौक दंतेवाड़ा में खाली पाया गया। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए एसडीएम द्वारा वेयर हाउस से चावल लोड किये गये चारो ट्रको को थाने लाया गया। जिसमें से तीन ट्रक में पीडीएस का चावल भरा हुआ था। और एक ट्रक जो वेयरहाउस से लोड होकर गुड़से के लिए निकला था वह खाली पाया गया। जिसके बाद एसडीएम लिंगराज सिदार ने अपनी एक टीम तहसीलदार कटेकल्याण के नेतृत्व में ग्राम गुडसे भेजी। जांच टीम को ग्राम पंचायत गुडसे में माल पहुंचा कि नहीं पता लगाने को कहा गया। तहसीलदार कटेकल्याण की जांच टीम गुडसे ग्राम पहुंचकर आवश्यक जांच के लिये लेंस मैनेजर को फोन लगाया। परंतु नेटवर्क नहीं होने के कारण फोन नहीं लगा। जिसके तहसीलदार कटेकल्याण की जांच टीम द्वारा गांव वालों का पंचनामा लिया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद भूतपूर्व सरपंच का बयान भी लिया गया। सभी ग्रामीणों ने बताया कि विगत दो दिनों में कोई ट्रक गुडसे ग्राम में चावल उतारने नहीं पहुँचा हैं।वही दूसरी जांच टीम द्वारा सभी ट्रक ड्राइवरों का बयान लिया गया।इस टीम में फूड इंस्पेक्टर, पटवारी, थाना प्रभारी व तहसीलदार दंतेवाड़ा सम्मिलित थे। ड्राइवरों के बयान के पश्चात जांच पूरी होने तक वेयर हाउस से चावल लोड किये गये चारो ट्रको को थाना प्रभारी दंतेवाड़ा के सुपुर्द किया गया। गौरतलब हैं कि सरकार कोरोना काल में नक्सल प्रभावित क्षेत्र में गरीब ग्रामीणों को फ्री में चावल बटवा रही है। लेकिन दूसरी ओर चावल की कालाबाजारी करने वाले गरीबों के हक के चावल पर डाका डाल रहे हैं। जिले में इससे पहले भी चावल की कालाबाजारी के कई मामले संज्ञान में आ चुके हैं। लेकिन आज पर्यंत तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके कारण जिले में चावल कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद है।जिले के दंतेवाड़ा, गीदम,कटेकल्याण, कुआकोंडा सभी ब्लॉकों में ग्रामीणों के हक के चावल पर लगातार डाका डाला जा रहा है। और शासन प्रशासन की लापरवाही के चलते इन चावल कालाबाजारों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। जबकि नियम यह है कि जब उचित मूल्य की दुकान के लिये चावल गाड़ी लोड होकर निकलती है। तो इसकी जानकारी संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार और पटवारी को होती है। लेकिन संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों की उदासीनता के कारण वहां चावल पहुंचा कि नहीं इसकी सही जांच नहीं हो पाती है। इसके कारण चावल कालाबाजारी करने वाले चावल की हेराफेरी करके ग्रामीणों के हक पर लगातार डालते रहते हैं। और कालाबाजारी के चावल के कारोबार से रोडपति से करोड़पति बन जाते हैं। और देखा जाता है कि चावल कालाबाजारी के इस बड़े खेल में संबंधित क्षेत्र के सत्ताधारी पार्टी के बड़े नेताओं का हमेशा ही हाथ होता है।अब देखते हैं कि इस मामले में क्या सच सामने आता है।

इस सम्बंध में एसडीएम लिंगराज सिदार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि वेयरहाउस से चावल से भरी लोड गाड़ी गुडसे के लिए निकली थी परंतु वहां नहीं पहुंची। जिसके पश्चात हमने जांच टीम बैठा कर जांच उपरांत चारों गाड़ी को अपनी कस्टडी में ले लिया है। जांच पूर्ण होने के उपरांत इस मामले में आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

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