September 23, 2021
Uncategorized

देश के लिए जान देने वाले जवान क्यों ले रहे हैं अपनी जान। कांग्रेस अपनी स्पंदन योजना की समीक्षा करे : रामु नेताम

Spread the love

जिया न्यूज़:-दंतेवाड़ा,

दंतेवाड़ा:-बस्तर संभाग में 24 घण्टे में घटित 3 जवानों के आत्म हत्या मामले में जिला पंचायत सदस्य रामु नेताम ने कांग्रेस के स्पंदन योजना पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि बस्तर के जाबांज जवान जो बस्तर की रक्षा के लिए अपनी जान तक न्यौछावर को तैयार खड़े थे वे अचानक अपनी ही जान लेने क्यों मजबूर हो रहे हैं। राज्य की कांग्रेस सरकार ने जवानों के तनाव कम करने के उद्देश्य से स्पंदन योजना शुरू किया था उसका क्या हुआ। इन घटनाओं को सामान्य रूप से न लें और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही आज तक कितने जवानों ने उक्त एप में अपनी समस्याएं डाली हैं और कितनों का समाधान हुआ है इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए। जवानों के मानसिक तनाव दूर करने के उद्देश्य से साप्ताहिक छुट्टी की घोषणा हुई थी और इसे लागू भी किया गया पर पालन कहाँ तक हो रहा है क्या इसकी खबर राज्य सरकार को है अगर नही तो मानसिक तनाव का मुख्य कारण राज्य की कांग्रेस सरकार है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों 24 घंटों के भीतर 3-3 जवानों ने आत्महत्या की है यह अब तक का सबसे चौकाने वाली घटना है। यह अत्यंत ही गम्भीर समस्या है। आखिर जवान पूर्व में भी परिवार से दूर रहकर जंगलों में सुरक्षा व्यस्था में डटे रहते थे फिर अचानक ऐसी कौन सी मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं, जिसके चलते आत्महत्या जैसे घटना बढ़ने लगी है। इस पर विचार होना आवश्यक है, सरकार राज्य पुलिस विभाग से मामले को गंभीरता से लेने निर्देशित करें और इन सभी घटनाओं की बारीकी से जांच करवाएं ऐसी घटनाओं पर रोक लगाएं। ऐसी घटनाओं से जवानों के परिवार में डर का आलम चाय हुआ है। इसका प्रतिकूल प्रभाव जवानों पर पड़ सकता है। इससे भय का वातावरण निर्मित हो रहा है। जवानों के परिवार वाले जो उनसे दूर हैं वे भी इन घटनाओं से मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। देश के लिए जान की बाजी लगाने को तैयार ये जवान कहीं हालात से त्रस्त होकर सिस्टम के कार्यप्रणाली से परेशान होकर अपना अंत तो नही कर रहें है इसकी सहीं तरीके से जांच होनी चाहिए। रामु नेताम ने कहा कि नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में तैनात सुरक्षा बल के जवान नक्सलियों के साथ साथ मानसिक तनाव का भी सामना कर रहे हैं। राज्य के पुलिस विभाग इन सभी घटनाओं को व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से जोड़कर ही ना देखें घटना क्रम की पूरी परिस्थियों को संज्ञान में लेवें। इससे जवानों के आत्महत्याओं का सही कारण सामने आ पायेगा। उन्होंने कहा कि जवानों के आश्रित परिवार अपने पारिवारिक मजबूरीवस जांच के नाम पर मौन हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों की आत्महत्या के आंकड़े परेशान करने वाले हैं, सरकार को इनके कारणों पर विचार करना चाहिए। सरकार को चाहिए कि इन घटनाओं को रोकने के लिए विभागीय तौर पर पहल करें। अधिकारियों को जवाबदारी देनी चाहिए कि वह अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाएं और उनकी परेशानी पूछें। राज्य में खासकर नक्सल मोर्चे में तैनात जवान घर से दूर रहते हैं। इनकी पूरी सर्विस तो घर परिवार से दूरी पर ही कट जाती है। बस्तर संभाग के कई संवेदनशील इलाके तो ऐसे हैं जहां से परिवार से बात करना भी मुश्किल होता है। फोन लगता नहीं है, घर वालों का हाल चाल जाने महीने बीत जाते हैं। जवानों को जब परिवार के परेशानी में होने की खबर मिलती है तब यह छुट्टी लेकर घर जाना चाहते हैं लेकिन ऐसी हालत में भी छुट्टी नहीं मिल पाती है, ऐसी स्थिति में भी जवान मानसिक रूप से परेशान होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। सुरक्षा कैम्पों में उच्च अधिकारियों का निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जवानों की सुनवाई होते रहने चाहिए। सरकार पुलिस विभाग द्वारा संचालित दरबार और स्पंदन जैसी गतिविधियों को जमीनी स्तर पर अंदुरुनी क्षेत्र तक सही मायने में संचालित करवाएं। इन गतिविधियों के विधिवत संचालन से घटनाओं की वास्तिविकता सामने आएंगी और ऐसी घटनाओं पर रोक लग पाएगी।

Related posts

नगरनार में पलटा ऑटो, महिला समेत युवक घायल
घायलों को बेहतर उपचार के लिए लाया गया हॉस्पिटल

jia

बकरीद पर लोगों की भावनाओं का मान बढ़ाने के लिए सरकार को साधुवाद! रक्षाबंधन के बारे में भी सोचे सरकार – प्रकाशपुंज पाण्डेय

jia

नशीली दवाईयों के 02 तस्करों पर जगदलपुर पुलिस की कार्यवाही।

jia

Leave a Comment

error: Content is protected !!