December 4, 2021
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बस्तर ,राज्य व केंद्र सरकारों के लिए राजस्व का सबसे बड़ा केंद्र ,तो विकास के नाम पर सौतेला व्यवहार की जिम्मेदारी किसकी ?बताये बस्तर के दोनो राष्ट्रीय पार्टियो के नेता -मुक्तिमोर्चा

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जिया न्यूज़:-जगदलपुर,

*रायपर -जगदलपुर लाइफ लाइन एक्सप्रेस हाइवे पर 4 लेन की जगह 2 लेन सड़क बनाना NHIव राज्य सरकार का बस्तर के साथ धोखा-मुक्तिमोर्चा

*राजधानी से बस्तर को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क पर 45 मीटर किये गए जमीन अधिग्रहण पर 4 लेन एवं नए पुल निर्माण किये बिना,NHIका टोल रकम लेने पर राज्य सरकार की सहमति, बस्तर विकास से समझौता-मुक्तिमोर्चा

*बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा केंद्रीय परिवहन मंत्री ,राज्य लोक निर्माण मंत्री व राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण अध्यक्ष के नाम बस्तर कमिश्रर को सौपेगा वादा निभाओ मांग पत्र-नवनीत चाँद

जगदलपुर:-बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के मुख्य सयोंजक नवनीत चाँद ने बयान जारी करते हुए कहा कि बस्तर वासियों को विकास की रफ्तार देने के वादे के रूप में राष्ट्रीय परिवहन सड़क मंत्रालय ,राज्य लोक निर्माण विभाग व राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण द्वारा बस्तर संभागीय मुख्यलय को राज्य की राजधानी से जोड़ने वाली एक मात्र लाइफ लाइन रायपर -जगदलपुर सड़क को 4 लेंन सड़क व नए पुल बनाने का वादा कर बस्तर के किसानों से 15 मीटर जमीन, 216 किलोमीटर तक अधिग्रहण की गई है। पर 4 लेन सड़क वह नए पूल का निर्माण अब तक नही किया गया है। बल्कि राज्य सरकार की राष्ट्रीय राज्य मार्ग विभाग द्वारा बस्तर से किये गए वादे को पूरा किये बिना NHI से एग्रीमेंट कर सड़क को NHI को सौप ,खुद की सड़क पर बस्तर के लोगो को टोल की भारी रकम चुकाने हेतु मजबूर किया जा रहा है। जो ,बस्तर के साथ केंद्र व राज्य सरकारों का धोका व अन्याय है।इस अनुचित सरकारी कदम का बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा कड़ी निंदा करता है।मुक्तिमोर्चा के सयोंजक नवनीत चाँद ने आगे कहा कि सन 1980 से पूर्व इस सड़क को राष्ट्रीय राज्य मार्ग घोषित कर 30 मीटर बस्तर के किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई जिसमे 7 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण करवाया गया व शेष 23 मीटर जमीन भविष्य निर्माण के लिए रिक्त रखी गई थी।सन 2013-14 में NHI के 4 लेन सड़क प्रस्ताव पर राज्य सरकार द्वारा 5 वी अनुसूचित इलाके में पुनः बस्तर के किसानों व बस्तर के लोगो को विकास की गति बढ़ाने का सपना दिखा ग्राम सभा की अनुमति ले 15 मीटर जमीन 216 किलोमीटर तक अधिग्रहण की गई ,जिसका मुवावजा करोड़ो रूपये आज भी किसानों को भुकतान नही किया गया है। वही NHI के द्वारा 830 करोड़ 64 लाख रुपये में बस्तर के पुराने 30 मीटर जमीन पर पुरानी सड़क की दोनो तरफ 3 मीटर चौड़ाई दे निर्माण कर दिया गया है।, वही फोरलेन सड़क के रूप में कुछ मुख्य गांव में पुराने जमीन पर ही 25 मीटर चौड़ी सड़क बनाई गई जो राज्य व केंद्र सरकार द्वारा बस्तर के लोगो को 4 लेन सड़क व नए पूल बनाने के वादे से किया गया वादा खिलाफी है। बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा दोनो ही राष्ट्रीय पार्टी के बस्तर के नेताओ से पूछना चाहता है। कि सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले हमारे बस्तर के साथ दिल्ली व रायपुर में बैठे मंत्रियों द्वारा बस्तर से यह अन्याय क्यों किया जा रहा है। इसका जवाब दे, राज्य जमीन अधिग्रहण अधिनियम यह कहता है। कि यदि अधिग्रहित जमीन पर5 वर्ष में राज्य व केंद्र सरकार कोई निर्माण न किया जाए तो किसानों की मांग पर जमीन वापसी का प्रावधान है।इस लिए मुक्तिमोर्चा की यह मांग केंद्र के राष्ट्रीय सड़क परिवहन मंत्री, राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण अध्यक्ष व राज्य के लोक निर्माण मंत्री बस्तर से 4 लेन सड़क व नए पुल निर्माण का वादा पूरा करे नही तो अधिग्रहण जमीन किसानों को वापिस करे, इस सरकारी चूक पर ध्यान आकर्षित हेतु वादा निभाओ मांग पत्र बस्तर कमिश्नर के माद्यम से सम्बंधित जवाबदार मंत्रियों को भेज जवाब मांगा जाएगा। उचित समय सरकार द्वारा बस्तर हित मे उठी मांग पर कार्यवाही नही प्रारम्भ होती है। तो प्रभावित किसानों व समस्त बस्तर वाशियों के साथ सड़क के सभी टोल का घेराव किया जाएगा व वादा निभाओ टोल लो मुहिम प्रारम्भ किया जाएगा

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