June 17, 2021
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कोरोना काल में इम्यूनिटी के लिए शराब है खतरनाक! तो सरकार शराब की होम डिलीवरी के पक्ष में क्यों है? – प्रकाशपुन्ज पाण्डेय

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जिया न्यूज़:-रायपुर,

रायपुर:-समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कोरोना काल की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के शराब की होम डिलीवरी के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने तर्क दिया है कि जहां देश के तमाम डॉक्टर, कोरोना से बचने के लिए लोगों को इम्यूनिटी बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं जिसकी पुष्टि देश की मोदी सरकार का आयुष मंत्रालय भी करता है, वहीं दूसरी ओर सभी को पता है कि शराब पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) खराब होती है। तो ऐसे में शराब की होम डिलीवरी का फैसला जनता के स्वास्थ्य के हित में कैसे हुआ? वो भी तब जब लोग कोविड-19 के भयावह प्रकोप के कारण जूझ रहे हैं, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशान हैं, न बिस्तर हैं न श्मशान घाट पर शवदाह के लिए जगह, सरकार का सीएमओ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव स्वयं कोविड-19 से लोगों को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं और रोज कोरोना के नए मरीजों के व मौतों के आंकड़े जारी किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के टीकाकरण के समय भी इस वक्त शराब और नशे से दूर रहने के सख्त निर्देश दिए जाते हैं। मतलब या तो छत्तीसगढ़ सरकार को जनता के स्वास्थ्य की फिक्र नहीं है, या वो शराब की होम डिलीवरी के आदेश से लोगों का आत्मसंयम और आत्मनियंत्रण का परीक्षण कर रही है, या फिर सरकार को शराब की बिक्री से होने वाले धनोपार्जन की चाहत अधिक है।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा है कि पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को इस साल दोबारा मौका मिला है क्योंकि 1 महीने से लोगों ने शराब न पीकर अपनी इम्यूनिटी भी बढ़ाई है, इस महंगाई के दौर में, लॉकडाउन के कारण जब रोजगार बंद हैं, उस सूरत में शराब न मिलने से पैसे भी बचे हैं और पारिवारिक क्लेश भी नहीं हुआ है। ऐसा ही मौका सरकार को पिछले साल भी मिला था। वैसे भी कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ में सत्ता में आने से पूर्व शराबबंदी के लिए आंदोलित और वचनबद्ध थी। इसीलिए प्रकाशपुन्ज ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से करबद्ध आग्रह किया है कि शराब बंदी का यही सही मौका है। शराब की होम डिलीवरी के आदेश के बजाय छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी का आदेश जारी करें और जनता को लाभान्वित करें। इससे जनता के दिलों में आपके लिए जगह और बढ़ जाएगी।

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