July 27, 2021
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कुपोषण मुक्ति, गरीबी एवं मलेरिया उन्मूलन के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित

करें-मुख्य सचिव मण्डल

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश

रिपोर्टर संजय सारथी

रायपुर – मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल ने बस्तर जिले को शत प्रतिशत कुपोषण मुक्त बनाने तथा जिलेवासियों को गरीबी एवं मलेरिया से पूरी तरह से निजात दिलाने के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत सहित जिले के आला अधिकारियों को इस कार्य को चुनौती के रूप में स्वीकार कर लक्ष्य हांसिल करने के लिए योजना बनाकर कार्य करने को कहा। मुख्य सचिव श्री मण्डल आज 18 मार्च को कलेक्टोरेट कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के मंशा अनुरूप बस्तर को हर हाल में कुपोषण एवं मलेरिया से मुक्त बनाना है। इसके लिए उन्होंने गरीबी उन्मूलन तथा सभी को रोजगार की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी एवं डाॅ. सजय शुक्ला, बस्तर जिले के प्रभारी सचिव श्सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी., संभाग आयुक्त अमृत कुमार खलखो, मुख्य वन संरक्षक श्री मोहम्मद शाहिद, कलेक्टर डाॅ. अय्याज तम्बोली, पुलिस अधीक्षक दीपक झा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इन्द्रजीत चन्द्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने जिले को मलेरिया मुक्त बनाने हेतु सभी परिवारों को पर्याप्त मच्छरदानी प्रदान करने के अलावा इसका उपयोग भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए लोगों को सत्त रूप से प्रेरित करना आवश्यक है। मण्डल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा मैदानी अमले के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के माध्यम से लोगों की इसकी समुचित जानकारी एवं उचित प्रचार-प्रसार कराने को कहा। मुख्य सचिव ने कुपोषण को अभिश्राप बताते हुए इसकी मुक्ति हेतु राज्य शासन की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने लागों को आजीविका मिशन तथा अन्य रोजगार मूलक कार्यो से जोड़कर सभी को रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि बस्तर वनोपज एवं वन्य संसाधनों से परिपूर्णं है, इसके अलावा वनवासियों का 70 प्रतिशत आजीविका कृषि एवं वनोपज पर आधारित होता है। उन्होंने जिला प्रशासन एवं वन विभाग के अधिकारियों को इमली, हर्रा, बेहरा, चार चिरौंजी आदि लघुवनोपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए। मण्डल ने इसका समुचित प्रचार-प्रसार कर आम लोगों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने रामगमन पथ को बस्तर में पर्यटन की विस्तार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इनके उद ्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी कार्य को मिशनमोड में कार्य करने को कहा। बैठक में उन्होंने कोरोना वायरस से बचाव एवं जागरूकता हेतु किए गए उपायों के अलावा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्यों की भी समीक्षा की।

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