December 4, 2021
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राजस्थान कोटा मे पढाई कर रहे विद्यार्थी बेमेतरा पहुंचे,

रिपोर्टर:-अरुण कुमार सोनी ,बेमेतरा छत्तीसगढ़

बेमेतरा:- कोटा राजस्थान से बेमेतरा जिले मे करीब 189 बच्चे आज सुबह 7 बसों में धमतरी,गरियाबंद,बलौदा बाजार,व बलरामपुर जिले के बच्चे बेमेतरा पहुंचे। इस दौरान ये सभी बच्चे घर वापसी पर खुश देखे गए। इन बच्चों की पहले यहां स्क्रीनिंग कराई गई। इसके बाद वे सभी एक-एक कर क्वारंटाइन सेंटरों में भेजे गए। बताया गया कि बाकी करीब 189 बच्चों की बसें एक-दो घंटे के अंतर में शाम-रात तक बेमेतरा पहुंचेगी।
प्रदेश के दो हजार से अधिक बच्चे मेडिकल, इंजीनियरिंग आदि की पढ़ाई के लिए कोटा गए थे और वे सभी वहां लॉकडाउन में फंस गए थे। राज्य सरकार 97 बस भेजकर उनकी घर वापसी कराने में लगी है। बेमेतरा के बच्चे दो क्वारंटाइन सेंटरों में रखे जा रहे हैं। ये क्वारंटाइन सेन्टर शासकीय महाविद्यालय व, अलांस पब्लिक स्कूल बनाए गए हैं।, जहां वे सभी 14 दिन तक रखे जाएंगे।
कोटा से बच्चों की पहली बस यहां सुबह साढ़े आठ बजे पहुंची। इसके बाद एक से डेढ़ घंटे के अंतर में बाकी 6 बसें भी पहुंचती गई। इन बसों में करीब 200 बच्चे सवार थे। ये बच्चे बस से उतरते ही भूपेश सरकार का बार-बार धन्यवाद करते रहे और यह कहते हुए अपनी खुशी जाहिर करते रहे कि सरकार के प्रयास से अंतत: उनकी घर वापसी हो गई। ये बच्चे परिजनों से अपना दर्द साझा करते हुए यह भी कहते रहे की मुसीबत के बुरे दौर से अब बाहर निकल आए हैं।
कई बच्चे बेमेतरा पहुंचने के बाद खुशी के साथ अपने परिजनों को यह जानकारी देते रहे कि वे लोग बेमेतरा पहुंच गए हैं और सभी ठीक हैं। यहां 14 दिन रुकने के बाद सकुशल घर पहुंच जाएंगे। यहां भी उन्हें घर की तरह ही रखने की व्यवस्था की गई है। वे अपने परिजनों को विश्वास दिलाते हुए यह भी कहते रहे की उन्हें अब चिंता करने की कोई बात नहीं है। वे लोग एक तरह से अब अपने घर में ही हैं। उनकी यहां देखभाल, सुरक्षा का पूरा इंतजाम है।
जिला अधिकारियों का कहना है कि बेमेतरा पहुचने पर उन सभी बच्चों की पहले मेडिकल जांच कराई गई। जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। इसके बाद वे सभी क्वारंटाइन सेंटरों में भेज दिए गए। बच्चों को वहां पहले चाय-नास्ता कराया गया। इसके बाद उनके खाने का इंतजाम किया गया। बच्चों के ठहरने की व्यवस्था भी इन्ही दो सेंटरों में रहेगी। ये सभी बच्चे वापसी के बाद खुश हैं और वहां अपने परिवार वालों से वापसी की खबर साझा करने में लगे हैं।

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