November 27, 2022
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बहुराष्ट्रीय कंपनी द्वारा कृषि भूमि का किया जा रहा दुरुपयोग

आदिवासियों और प्रशासन की सैकड़ो एकड़ जमीन में अवैध रूप से लौह अयस्क के वेस्ट मटेरियल का किया जा रहा भंडारण

वेस्ट मटेरियल से आदिवासियों की कृषि भूमि हो रही बंजर

जिया न्यूज़:-दंतेवाड़ा/किरंदुल,

दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में मौजूद बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर आदिवासियों और प्रशासन की सैकड़ो एकड़ जमीन में अवैध रूप से लौह अयस्क के वेस्ट मटेरियल का भंडारण कर रहे है । जिससे क्षेत्र की सैकड़ो एकड़ जमीन बंजर होते जा रही है , साथ ही साथ इन क्षेत्रों में जल और वायु प्रदूषण का संकट देखा जा रहा है । ऐसा ही मामला दंतेवाड़ा विकाशखण्ड के बेमपाल गांव का है जो किरंदुल के रेलवे कॉलोनी से लगा हुआ है यह भीमा के उपजाऊ खेत को 30 से 40 फिट खोद दिया गया है और उसमें प्रदूषित लोह चूर्ण डाला जा रहा है।

दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में मौजूद बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया जो कि किरंदुल से विशाखापटनम तक पाइप लाइन के माध्यम से 267 किलोमीटर लौह चूर्ण परिवहन करती है । इस कंपनी को जिला प्रशासन ने किरंदुल में लौह अयस्क भंडारण के लिए 4.33 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है । जिसमे वह 3 लाख घन मीटर लौह अयस्क ही भंडार कर सकता है । किन्तु आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया कंपनी ने किरंदुल में मौजूद अनेक शासकीय एवम आदिवासियों के जमीन पर बेजा कब्जा करते हुए अपने लौह अयस्क के वेस्ट मटेरियल का भंडारण कर रहा है । इस भंडारण के लिए कंपनी पहले आदिवासियों के उपजाऊ जमीन में 30 से 40 फिट तक गड्ढा करते है , फिर उस गड्ढे में प्रदूषित लौह अयस्क के चूर्ण को डंप कर मट्टी से ढक देते है । जिस कारण वह जमीन और उसके आस पास का जमीन पूरे तरीके से अनुपजाऊ हो चुका है । और इस भंडारण के लिए कंपनी ने जिला प्रशासन से अनुमति तक लेना उचित नही समझा । किरंदुल के इस्थानिय ठेकेदार की मदद से इतना बड़ा खेल जिला प्रशासन के नाक के नीचे चल रहा था। भोले भाले गरीब आदिवासी किसान को कुछ रुपए का लालच देकर उनके खेत को इस्तेमाल कर बंजर भूमि बना दिया जा रहा है। जांच करने आये जिला खनिज अधिकारी ने कहा कि इस मामले में सख्त कार्यवहीं की जायेगी।जब इस मामले की जानकारी जिला प्रशासन को लगी तो कलेक्टर टोपेस्वर वर्मा मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिया । मामले के जांच में आये जिला खनिज अधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि इस प्रकार का भंडारण पूर्ण तरीके से गैरकानूनी है आदिवासी की भूमि हो या गैर आदिवासी की बिना प्रशासन के अनुमति प्रदूषित लोह चूर्ण का भंडारण खेत मे नही किया जा सकता है और जल्द मामले में दोषियों के खिलाफ उचित और वैधानिक कार्यवाही की जाएगी ।

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