September 18, 2021
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बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया द्वारा पेशा कानून के उल्लंघन व अवैध लौह अयस्क अवक्षेप का भंडार आदिवासियों की निजी जमीन पर करने के विरोध में बस्तर आयुक्त को बस्तर अधिकार संयुक्त मुक्ति मोर्चा ने सौपा ज्ञापन

संभागीय व जिला स्तरीय सदस्यों की कमेटी को जांच की अनुमति मांगी

केंद्रीय खनिज मंत्री से बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया के लीज को निरस्त करने की, कि मांग

जिया न्यूज़:-दंतेवाड़ा/जगदलपुर,

बस्तर अधिकार संयुक्त मुक्ति मोर्चा ने दंतेवाड़ा जिले के किरन्दुल में स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया द्वारा पेशा कानून के उल्लंघन व अवैध लौह अयस्क अवक्षेप का भंडार दिये गये स्थान से निश्चित स्थान से अलग स्थान पर किये जाने पर कार्रवाई हेतु केंद्रीय खनिज मंत्री के नाम से ज्ञापन बस्तर कमिश्नर के माध्यम से सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से बस्तर अधिकार संयुक्त मुक्ति मोर्चा ने बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया पर आरोप लगाया कि यह कंपनी किरन्दुल से लगे ग्राम बेंगपाल में स्थानीय आदिवासियो की निजी भूमि पर 30 से 40 फीट गड्ढा कर लौह अयस्क परिवहन के पश्चात बचे हुये केमिकल युक्त अवशेष पदार्थों का अवैध भंडारन किया जा रहा है। जिससे स्थानीय निवासी गंभीर संक्रमण से ग्रस्त हो रहे हैं व उनकी हजारों एकड़ भूमि पर उपजाउहीन होकर बंजर होने का खतरा मंडरा रहा है। गौरतलब है कि बस्तर संभाग में संविधान की पांचवी अनुसूची के प्रावधान के साथ साथ पेशा कानून लागू है। जिसके तहत खनिज संपदा के दोहन व उत्खनन व भंडारण हेतु राज्य सरकार के अधिसूचना के पश्चात प्रभावित ग्राम पंचायतों की ग्राम सभा के अनुमति के अनुरूप ही उपभोक्ता को माइनिंग नियमो एवं शर्तों के अधीन उपभोग करने की अनुमति देने का प्रावधान है। लेकिन उक्त कंपनी द्वारा वर्तमान में सभी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। किरंदुल से विशाखापट्टनम तक सेलेयरी पाइपलाइन बिछाकर शबरी नदी के पानी का उपयोग करते हुये परिवहन किया जाता है। तत्पश्चात केमिकल युक्त लौह अवशेषों को शासन द्वारा आवंटित लीज क्षेत्र से बाहर जाकर अवैधानिक रूप से निजी भूमि पर 30 से 40 फीट गड्ढा खोद का भंडारण किया जा है। जो की पूरी तरह से पेसा कानून व माइनिंग नियमों का उल्लंघन है। बस्तर अधिकार संयुक्त मुक्ति मोर्चा ने केंद्र व राज्य सरकार से मांग की है कि बस्तर में स्थित कंपनी के गैर कानूनी कार्यो की जांच करवाकर लीज निरस्त करने की कार्रवाई की जाये। एवं बस्तर अधिकार संयुक्त मुक्ति मोर्चा के दस संभागीय एवम पांच स्थानीय जिला के सदस्यों को जांच दल के रूप में स्थान का मुवायना करने की अनुमति प्रदान की जाये। इस दौरान बस्तर अधिकार संयुक्त मुक्ति मोर्चा के सभी सदस्य मौजूद रहे।

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