September 26, 2021
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आपदा नियंत्रण के लिए रहें मुस्तैद-कलेक्टर चन्दन कुमार
बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की कलेक्टर ने की समीक्षा

मनीष सिंग:-सुकमा,

सुकमा:- कलेक्टर चंदन कुमार ने मानसून के दौरान बाढ़ आपदा से बचाव और राहत के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि चिन्हांकित बाढ़ प्रभावित गांवों में आपदा बचाव समितियों का गठन करने के साथ ही बैठक आयोजित कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांवों में वालिंटिर्य को भी तैयार रखने के निर्देश दिए, जिससे जानमाल की रक्षा तत्परता से की जा सके। बाढ़ आपदा से बचाव के लिए गांवों में रहने वाले शासकीय कर्मचारियों के साथ ही वाहनों की जानकारी रखने को कहा, जिससे लोगों को शीघ्रता से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। उन्होंने बाढ़ आपदा से बचाव के लिए नजदीकी उपलब्ध संसाधनों की जानकारी भी तैयार रखने को कहा। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए नगर सेना द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले नाव का परीक्षण करने के साथ ही पूरी तरह से तैयार रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वन विभाग के पास उपलब्ध नाव का उपयोग भी बचाव कार्य में किए जाने का निर्देश दिया। बाढ़ आपदा के दौरान लोगों को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए जिला स्तर के साथ ही तहसील स्तर पर भी कंट्रोल रुम बनाए जाएंगे।
कलेक्टर ने बाढ़ आपदा के दौरान सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए राहत केन्द्रों में भी पेयजल, विद्युत और स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत केन्द्र में विद्युत और स्वच्छता की व्यवस्था शीघ्र किए जाने की आवश्यकता है, ताकि वहां किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। बारिश के दौरान डुबान में आने वाले पुल-पुलियों की पहचान कर वहां सुरक्षा जवानों की तैनाती के निर्देश दिए, जिससे कोई पुल-पुलिया को पार करने की कोशिश न करे।

बाढ़ के पश्चात महामारी से निपटने की जाएगी आवश्यक व्यवस्था
बाढ़ खत्म होने के बाद महामारी फैलने की अत्यधिक संभावनाओं को देखते हुए इस पर तत्काल नियंत्रण की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। जल प्रदूषण को रोकने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जलस्रोतों का शुद्धिकरण और ’’क्लोरीनेशन’’ करने के साथ क्लोरीन टेबलेट भी जरूरतमंदों को प्रदान करने को कहा गया। इसके लिए पंचायतों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। बिगड़े हैंडपंपों को भी सफाई कर सुधारे जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में डीडीटी और कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव करेंगे और सभी प्रभावित परिवार और व्यक्तियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा बीमार और घायल पशुओं का उपचार और टीकाकरण किया जाएगा। उप संचालक पशु चिकित्सा को कहा गया है कि वे भू-जन्य और सामान्य रोगों के उपचार हेतु पर्याप्त औषधियों का भण्डारण रखें। वन विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क कर चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करें। वन विभाग को आवश्यकतानुसार बाढ़ के समय और बाढ़ के पश्चात ईंधन के लिए लकड़ी और अस्थायी शिविर जहां बांस-बल्ली की आवश्यकता होगी, उसकी आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। बाढ़ नियंत्रण कार्य में मिट्टीतेल और डीजल के लिए कोई समस्या उत्पन्न न हो इस हेतु खाद्य अधिकारी को मिट्टीतेल और डीजल का पर्याप्त भण्डारण सुरक्षित रखने हेतु निर्देशित किया गया है। बैठक में सभी विभागों को वर्षाकाल के समय अत्यधिक सचेत रहने को कहा गया। साथ ही कहीं से भी बाढ़ और रास्ता बंद होने की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचित करने को कहा गया। बाढ़ प्रभावित ग्रामों में प्रभावित व्यक्तियों के लिए क्षेत्र के सुरक्षित स्थानों पर ठहरने के लिए क्षेत्र में स्थित शासकीय भवनों, आश्रमों, छात्रावास, स्कूल का उपयोग करने कहा गाया।

वर्षा पूर्व नालियों की सफाई
नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र के समस्त नालियों की साफ-सफाई सुनिश्चित करवाने के निर्देश मुख्य नगर पालिका एवं नगर पंचायत अधिकारी को दिए गए। साथ ही आसानी से नष्ट न होकर नालियों को चोक करने और शहर में जल भराव की स्थिति उत्पन्न करने वाले वस्तुओं की सफाई बेहतर ढंग से करने को कहा गया। इसी तरह ग्राम पंचायतों में भी तालाबों, नालों, पुल-पुलियों के निकासी मार्ग में जलप्रवाह को अवरूद्ध करने वाली पत्तियां और छोटी-छोटी झाड़ियों को भी साफ करने के निर्देश दिये गये और कहा गया कि जल प्रवाह नहीं होने की स्थिति में भी बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है।

पहुंचविहीन क्षेत्रों में मानसून पूर्व होगा राशन और दवाईयों का भण्डारण
मानसून पूर्व जिले के पहुंचविहीन एवं चिन्हांकित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री चावल, शक्कर, मिट्टी तेल इत्यादी का पर्याप्त भण्डारण करवाने की जिम्मेदारी संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं खाद्य अधिकारी को दी गई है। किसी भी आपदा के दौरान क्षेत्र में खाद्यान्न की कमी न हो इसका विशेष ध्यान देने कहा गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी पहुंचविहीन क्षेत्रों में आवश्यक मात्रा में जीवनरक्षक दवाईयों का भण्डारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

तैनात रहेगा बचाव दल
बाढ़ और अतिवर्षा से उत्पन्न स्थितियों को ध्यान में रखकर बाढ़ बचाव राहत दल की तैनाती सुनिश्चित की गयी है। कमाण्डेंट नगरसेना इसके प्रभारी अधिकारी बनाये गये हैं। उन्हें निर्देशित किया गया है कि 20 जून के पूर्व बाढ़ बचाव की तमाम सामग्रियों को सुधार करवा लें। यह भी निर्देशित किया गया है कि वे बाढ़ बचाव सामग्रियों की सूची तथा प्रशिक्षित जवानों की संख्या नाम सहित बाढ़ नियंत्रण कार्यालय को राजस्व शाखा में प्रस्तुत करेंगे, ताकि विषम स्थिति उत्पन्न होने पर दल को तत्काल राहत कार्य हेतु लगाया जा सके। विभाग के पास उपलब्ध नाव और वन विभाग की नाव को भी चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जलस्तर की निगरानी करेंगे अधिकारी
अतिवर्षा से शबरी नदी के कारण उत्पन्न होने वाली स्थितियों को ध्यान में रखकर ओड़ीसा राज्य के अधिकारियों के सतत सम्पर्क में रहने और बांध से पानी छोड़े जाने के कम से कम 24 घंटे पूर्व जिला प्रशासन को इसकी सूचना देने को कहा गया।

सभी तहसीलों में वर्षामापक यंत्र
सुकमा जिले के सभी तहसीलों में वर्षामापक यंत्र स्थापित हैं। सभी तहसीलदारों को इन वर्षामापक यंत्रों की जांच कर तत्काल प्रतिवेदन देने के साथ ही प्रतिदिन वर्षा की जानकारी वायरलेस संदेश के जरिए जिला कार्यालय को अनिवार्य रूप उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।

आकस्मिक व्यवस्था हेतु सभी इंतजाम सुनिश्चित
बचाव सामग्रियों की व्यवस्था लोक निर्माण विभाग द्वारा और बचाव दल की व्यवस्था संबंधित थाना प्रभारियों के द्वारा की जाएगी। इसके अतिरिक्त जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (रा.) अपने-अपने अनुविभाग में समाज सेवी संस्थाओं, व्यक्तियों और दानदाताओं की बैठक बुलाकर बाढ़ से उत्पन्न होने वाली स्थिति और उससे निपटने के उपाय के संबंध में पूर्व से ही चर्चा करेंगे तथा अनुभाग स्तर पर बाढ़ आपदा राहत समिति गठित करते हुए 15 दिनों के भीतर जिला कार्यालय को भी इसकी सूचना देंगे। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, अपर कलेक्टर श्री ओपी कोसरिया सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे

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