October 24, 2021
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किरन्दुल क्षेत्र में आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया कंपनी द्वारा ग्रामीणों का हो रहा जमकर शोषण

चंद रुपये का लालच देकर ग्रामीणों के करोड़ो की जमीन पर कंपनी के ठेकेदारों ने कर अपशिष्ट पदार्थ का भंडारण

जांच के दौरान कई नये तथ्य हुये उजागर

जिया न्यूज़-दिनेश गुप्ता:-दंतेवाड़ा,

दंतेवाड़ा:-आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया कंपनी के द्वारा किरंदुल में अवैध रूप से लौह अयस्क के अवैध भंडारण की बस्तर अधिकार संयुक्त मुक्ति मोर्चा के द्वारा बस्तर कमिश्नर के समक्ष शिकायत दर्ज करायी गयी थी। जिसके बाद कमिश्नर द्वारा जांच टीम बनाकर मौके पर भेजा गया और जांच टीम ने बस्तर अधिकार संयुक्त मुक्ति मोर्चा के द्वारा की गई शिकायत को सही पाया। मौके पर देखा गया कि पांच हजार रुपये में करोड़ों की जमीन पर आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया कंपनी के ठेकेदारों द्वारा ग्रामीणों को बहलाफुसला कर उनकी जमीन पर अपशिष्ट लौह अयस्क का भंडारण कर दिया गया। और उस कृषि योग्य उपजाऊ भूमि को बंजर भूमि तब्दील कर दिया गया। जबकि जमीन के भूस्वामी को उसका उचित मुआवजा तक नहीं दिया गया। यह लगभग दस से बारह वर्षों से खेल चल रहा है। आर्सेलर मित्तल निपाल इंडिया कंपनी के आदिवासियों के शोषण इस मामले में आदिवासी नेता भी एकजुट होते दिखाई दे रहे हैं। और उम्मीद है कि वह लोगों की हक की लड़ाई में इन भोले-भाले लोगों का सहयोग करेंगे। जांच टीम के दौरे के दौरान सोनी सोढ़ी,जया कश्यप और सुजीत कर्मा मौके पर मौजूद रहे। और आदिवासी नेता सुजीत कर्मा ने कहा कि हम भोले-भाले आदिवासियों के साथ हैं और उनको उनका उचित हक दिला कर ही रहेंगे। वही सोनी सोढ़ी ने भी तालाबो को कंपनी द्वारा अवैध रूप से पाटे जाने पर अपनी नाराजगी दिखायी। मौके पर देखा गया कि कई बड़े बड़े तालाबों को आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया कंपनी द्वारा अपशिष्ट पदार्थों से पाट दिया गया है। एक तरफ जहां सरकार लोग हितों को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों का निर्माण करवा रही है। वही यह कंपनी क्षेत्र के तालाबों को अपने अपशिष्ट पदार्थों से पाटती जा रही है। कंपनी का अपशिष्ट पदार्थ लगभग 40 से 50 किलोमीटर के वर्गाकार एरिया में फैला हुआ है। बस्तर जैसे पिछड़े अंचल में किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा ध्यान ना देने के कारण आर्सेलर मित्तल निपान इंडिया कंपनी की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है।जांच के दौरान कई नये तथ्य उजागर हुये।कई नये हितग्राही सामने आये और उन्होंने अपनी आप बीती जांच टीम के सामने बतायी।कि किस प्रकार चंद रुपयों का लोभ देकर कंपनी के लोगो द्वारा कई एकड़ खेत मे लौह अयस्क का वेस्ट मटेरियल डाल दिया गया। ऐसे और भी कई मामले है जहाँ कंपनी के ठेकेदारो द्वारा ग्रामीणों की जमीन पर अपशिष्ट पदार्थ का भंडारण कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कड़मपाल के क्षेत्र में भारी तादात में आदिवासियों की जमीन पर लाल जहर दाल दिया गया हैं। जिसका विपरीत असर लोगो पर दिखायी देने लगा है।

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