July 27, 2021
Uncategorized

Chhttisgarh

Spread the love

सूकर एवं बकरी पालन से आत्माराम बना आत्मनिर्भर

आशीष परिहार कांकेर

कांकेर जिले के नरहरपुर तहसील के ग्राम देवरी बालाजी के आत्माराम नेताम सूकर एवं बकरी पालन से आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्हें पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु औषधालय मानिकपुर के माध्यम से सूकरत्रयी इकाई योजनांतर्ग एक नर एवं दो मादा सूकर प्रदान किया गया था, जिससे प्रथम वर्ष में 15 सूकर बच्चे पैदा हुए, जिनमें 6 नर एवं 9 मादा बच्चे थे। जिसके बड़े होने पर छै-सात महीने के बाद विक्रय किया गया, जिससे 45 से 50 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त हुई। गत वर्ष 17 सूकर के विक्रय से 60 से 70 हजार रूपये का लाभ प्राप्त हुआ, उक्त आमदनी से आत्माराम ने दो बकरियां भी खरीदी, अब वे सूकर पालन के साथ-साथ बकरी पालन भी कर रहे हैं तथा पशुपालन हेतु पक्का शेड का निर्माण भी करा लिये हैं। उनके पास अभी तीन मादा सूकर हैं, जिनके 26 बच्चे हैं, जिसमें से 9 बच्चे को 35 हजार रूपये में बेच चुके हैं। इस प्रकार आत्माराम सूकर पालन कर आर्थिक रूप से सक्षम बन चुके है। आत्माराम ने बताया कि पहले वह कुली मजदूरी का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सूकर पालन के व्यवसाय को अपनाने से परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी हो गई है। जिसके फलस्वरूप अब सूकर पालन के साथ-साथ बकरी पालन भी कर रहा है। और अपनी आर्थिक स्थिति में काफ़ी सुधार भी हो रही है

Related posts

Chhttisgarh

jia

चैत्र नवरात्रि में मांई दन्तेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों का प्रवेश प्रतिबंधित
दंतेश्वरी माई की आरती व ज्योत का होगा लाईव प्रसारण भक्तगण कर सकेंगे ऑनलाइन दान

jia

नगरीय क्षेत्र में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगो को किया जा रहा मच्छरदानी का वितरण

jia

Leave a Comment

error: Content is protected !!