November 26, 2022
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बस्तर में कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट ,दवाई इलाज में विलम्भ से जनता त्रस्त, जनप्रतिनिधि राजनीतिक टी आर पी में मस्त-नवनीत चाँद

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जिया न्यूज़:-जगदलपुर,

जिले के कोरोना टास्क फोर्स में सर्वदलीय ,विशेषज्ञ ,जनप्रति-निधियों को सदस्यता देने की मांग-जनता काँग्रेस “जे”

जगदलपुर:-जनता काँग्रेस छत्तीसगढ़ “जे” के जगदलपुर शहर अध्यक्ष नवनीत चाँद ने बयान जारी करते हुए कहा कि ,बस्तर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से निपटने के लिए किये गए सरकारी सभी दावे खोखले नजर आ रहे है। प्रथम चरण में बस्तर की भौगोलिक परिस्थितियों के तहत मेडिकल व्यवस्था लचरता किसी से नही छुपी है। संसाधनों ,डॉक्टर, मेडिसिन ,किट,लैब टेस्ट क्षमता को लेकर सरकार ,जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन के सभी दावों की पोल बस्तर में संक्रमण के तीव्र गति से बढ़ते ही खुल गई थी। उस चूक से भी बस्तर को लेकर सरकार का कोई नया एक्शन प्लान आज भी नहीं है।यह दुख का विषय है। न ही जनप्रतिनिधि इस दिशा में गम्भीर है। आर टी पी सी आर टेस्ट की रिपोर्ट आज भी 4 से 5 दिन के बाद रोगियों को दी जा रही है। इस बीच टेस्ट करवाने वाले व्यक्ति पर न तो कोई निगरानी रखी गई है। न ही उस से कोई पूछताछ, 5 दिन बाद उसे कोरोना संक्रमित होने की बात बताई जा रही है। जिस से पूरे क्षेत्र में संक्रमण के फैलने के मौका प्राप्त हो रहा है। वही मेडिकल कालेज व अन्य अस्पतालों व कोरनटाईन सेंटरों में मेडिसिन व डॉक्टर के परामश की व्यस्तता की कमी से अलग संक्रमकर्ता जूझ रहा है। बाहार उसका परिवार अलग परेशान हो रहा है। कोरोना के अलावा दूसरे मरीजों पर स्टाफ की कमी के चलते अलग अव्यवस्था का कहर टूट रहा है। कई परिजनों ने इलाज में देर होने व सही समय पर मेडिसिन नहीं मिलने की शिकायत लगातार प्रशासन को की है। तो कईयों ने ऐसी परिस्थितियों में अपनो को खो दिया है। ऐसे परिस्थितियों में कोरोना संक्रमण के लिए जिले में बनाई गई टास्क फोर्स की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठ रहा है। राज्य सरकार की लापरवाही के खिलाफ बस्तर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सवाल करने की बजाए व आपदा को राजनीतिक अवसर के रूप में भुना रहे है। व सोसल मीडिया में अपनी राजनीतिक टी आरपी बढ़ाने में व्यस्त है। असम चुनाव प्रचार इस बात का उदाहरण है। ऐसे में बस्तर की जनता की तरफ से जनता कांग्रेस जे उन से यह सवाल करता है। कि ऐसी विघ्न परिस्थितियों में उनके पास क्या एक्शन प्लान है। कि वो जिला प्रशासन का नेतृव कर बस्तर की जनता को इस मुसीबत से बाहर निकाले यह प्रश्न इस लिए है। कि बस्तर का डॉक्टर कोरोना की जरूरी दवाई को दुर्ग में ब्लैक में बेचते पकड़ा जाता है। जिसकी कमी से अन्य जिले जूझ रहे है। एक तरफ धारा 144 व 188 के तहत सम्पूर्ण जिले में सभी धार्मिक कार्यक्रम ,आयोजन ,राजनीतिक कार्यक्रम ,आदि पर प्रतीबन्ध है। तो वही बस्तर में ऐसी परिस्थितियों में उद्योग की जनसुनवाई तो असम के प्रत्याशीयो की खातिर दारी में सरकार ,जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अमला लगा हुआ है।ऐसे ज्वलन्त सवालो का जवाब तो राज्य सरकार व उनके स्थानीय जनप्रतिनिधियों को देना पड़ेगा कि आखिर 1 वर्ष बाद भी कोरोना को लेकर इतनी राशि खर्च करने के बाद भी पर्याप्त तैयारी क्यों नही थी। जनता काँग्रेश जे राज्य सरकार व जिला प्रशासन से अपील करता है। समय की गम्भीरता को देखते हुए जिला कोरोना टास्क फोर्स में सर्वदलीय सदस्यों ,विशेषज्ञयो व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाये जाए ताकि इस चुनोती से मिलकर लड़ा जा सके।

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