October 18, 2021
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ऋषिकेश की दोस्त बनी डॉक्टर एक्का
व्हीलचेयर में रोजाना मरीज को बैठाकर घुमाती हैं वार्डो में

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जिया न्यूज़:-जगदलपुर,

जगदलपुर:-मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में हमेशा डॉक्टर व मरीज के बीच के संबंध अच्छे नही होने की बात लगातार सामने आते रहती है, कई बार तो मरीज को उनके परिजन इलाज नही होने की बात कहते हुए रेफर तक करवा लेते है, तो कई बार बात मारपीट तक पहुँच जाती है, लेकिन ऐसे में एक सकारात्मक बात सामने आई है, जहां एक 17 वर्षीय मरीज की एक महिला डॉक्टर से दोस्ती हो गई है, ये महिला डॉक्टर मरीज की तकलीफ को सुनती है बल्कि उसे व्हीलचेयर में बैठा कर उसे अस्पताल के एक वार्ड से दूसरे वार्ड घुमाने के लिए भी ले जाती है।

बात करे अगर तो मेल मेडिकल वार्ड नंबर 2 के बिस्तर नंबर 21 में भर्ती 17 वर्षीय ऋषिकेश जो सिकलिन की बीमारी के चलते पिछले 10 दिनों से यहां पर अपना इलाज करा रहा है, इस मरीज के माता व पिता दोनो का निधन हो चुका है, साथ ही 5 भाई बहनों में ऋषिकेश दूसरे नंबर का है। वही ऋषिकेश के एक भाई का भी निधन हो चुका है।
ऋषिकेश ने बताया कि उसका घर कोंटा में पड़ता है, साथ ही वह समय समय पर सिकलिंन बीमारी के चलते यहां पर खून चढ़ाने के लिए आते भी रहता है, लेकिन इन सबके बावजूद घर के लोग कभी भी इसके साथ अस्पताल नही आते है, ऋषिकेश अकेले ही बस में बैठकर मेकाज आता है, खुद ही एडमिट होकर अपनी परेशानी बताता है,

इसके अलावा वार्ड में भर्ती होने के बाद सुकमा के लोगो से संपर्क करके अपने लिए रक्त की व्यवस्था करता है, ऐसे में अकेले बिस्तर में रहने से दुखी ऋषिकेश अकेला महसूस भी करता है, अभी कुछ दिनों पहले ही उसकी दोस्ती वार्ड में भर्ती मरीज के बेटे से भी हुई, कुछ दिन वह भी उसके साथ समय बिताया, लेकिन उसके मरीज की छुट्टी होने के बाद से वह भी चला गया, ऐसे में उसका इलाज कर रही 2016 बैच की डॉ अरुणा एक्का से हुई, उसके परिजनों के निधन, घर वालो के नही आने व ए पॉजिटिव रक्त की कमी के चलते ऋषिकेश अकेला व मायूस देख डॉ अरुणा ने उससे दोस्ती कर ली, जिसके बाद अब वह उसे रोजाना इलाज भी कर रही है, साथ ही उसके साथ समय बिताने के अलावा व्हीलचेयर में बैठाकर उसे घुमाती भी है, बताया जा रहा है कि ऋषिकेश के पैर में 4 से 5 दिनों से सूजन के चलते वह चल भी नही पा रहा है, ऐसे में अब डॉक्टर ही उसकी दोस्त बन गई है, जिससे साथ व अपने हर दुख तकलीफ को साझा कर रहा है, अगर किसी दिन डॉ अरुणा उसे दिखाई नही देती तो वह वार्डो में जाकर उसे ढूंढता भी है, जिसके साथ वह समय व्यतीत कर सके।

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