October 25, 2021
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देश के स्वर्णिम इतिहास का काला दौर आपातकाल – किरण देव

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जिया न्यूज़:-दंतेवाड़ा,

दंतेवाड़ा:-भाजपा प्रदेश महामंत्री किरण देव जी आज दंतेवाड़ा भाजपा कार्यालय पहुंचे,उन्होंने कांग्रेस शासन द्वारा 25 जून 1975 को आपातकाल लागु करने को लेकर प्रेस वार्ता लिया उन्होंने आपातकाल को लोकतंत्र की हत्या , मानव अधिकार का हनन एवं देशवासियो पर विभिन्न प्रकार के अत्याचार हुए इसको देश के इतिहास में कालादिवस बताया | आपातकाल में इंदिरा ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का निर्ममता से दमन किया, न्यायपालिका एवं मीडिया की स्वतंत्रता को कुचला और दुनिया के सबसे जीवंत लोकतंत्र भारत को एक “फासीवादी देश” में तब्दील कर दिया.. तानाशाह पूरे देश पर काबिज हो गए, वे मासूमों पर जुल्म ढा रहे थे, निर्दोषों को जेलों में ठूंस रहे थे, बस्तियों पर बुलडोजर चलवा रहे थे, लोगों की जबरन नसबंदी करा रहे थे…
मतलब देश की संप्रभुता इंदिरा गांधी के हांथों की बंधक बना गई…
इतना कठोर आपातकाल जिसके तहत संविधान की धारा 21 भी निलंबित हो गयी जो जीवन जीने का अधिकार देती थी..!

आज कांग्रेस जब राजनीतिक मूल्यों की बात करती है तो भूल जाती है कि कैसे सत्ता लोलुपता के एकमात्र उद्देश्य की पूर्ति के लिए इंदिरा ने आंतरिक आपातकाल देश पर थोप दिया था…
कांग्रेस जब मजबूत विपक्ष की बात करती है तो ये भूल जाती है कि इमरजेंसी काल में लाखों विरोधियों को इंदिरा नें जेल में डाला वो भी बिना मुकदमे के…
आज पूरी सोनिया-ब्रिगेड बात बात पर लोकतंत्र की दुहाई देते है लेकिन ये भूल जाते है कि इमरजेंसी पास करने के लिए किसी कैबिनेट की बैठक नही की गई सिर्फ 15 मिनट का ब्यौरा देकर उन्हें बता दिया गया कि एमरजेंसी देश पर कल से लागू होगा..
बात बात में आम जनता के मौलिक अधिकार की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी कभी शर्म नही करती कि इमरजेंसी में जनता के जीवन जीने तक का अधिकार छीन लिया गया था..!!

आज इमरजेंसी के दंश को 45 वर्ष पूरे हो गए…
पर वो सत्ता लोलुपता, वो सम्प्रभु देश को अपनी मिल्कियत बनाने का प्रपंच, जहां संसद के दोनों सदन बेमानी हो गये..और देश के फैसले जब इंदिरा के गार्डन में चाय के चुस्कियों में होने लगे, ऐसा भयंकर दंश, देश की आत्मा पर आघात..जिसकी टीस भारत आज भी महसूस करता है…
आज आपातकाल की काली कहानी बार-बार याद किए जाने की दरकार है ताकि हमें स्मरण रहे कि लोकतांत्रिक परंपराओं के क्षरण के कितने दुष्परिणाम होते हैं…
जिन लोगों ने आपातकाल में हमारे लोकतंत्र पर प्रहार किया उन्होंने इस कृत्य के लिए कभी माफी भी नहीं मांगी, न ही उन्हें सजा मिल सकी..यदि हम कभी आपातकाल की पुनरावृत्ति नहीं चाहते तो हमें उसके लिए जिम्मेदार लोगों को न तो कभी भूलना चाहिए और न उन्हें कभी माफ करना चाहिए…!!! इस कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष चैतराम अटामी , वरिष्ठ भाजपा नेता रामबाबू गौतम , महामंत्री धीरेन्द्र प्रताप , संतोष गुप्ता,नन्दलाल मुडामि, सत्यजीत चौहान, सुनीता भास्कर , सत्यनारायण महापात्र , खिरेन्द्र ठाकुर, ओजस्वी मंडावी ,श्रवण कड़ती ,रामु नेताम,पायल गुप्ता , राजा गुप्ता ,संग्राम सिंह राणा,दीपक बाजपाई ,कुणाल ठाकुर मौजूद थे |

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