May 26, 2022
Uncategorized

डिजिटल युग में भी बस्तर राज की रियासत कालिन प्रथायें आज भी भारी हैं
डिजिटल,सोशल मीडिया पर

Spread the love

जिया न्यूज:-बब्बी शर्मा-कोण्डागाँव,

कोंडागांव:-आज के डिजिटल युग में लोग अपनों को कोई भी संदेश अथवा निमंत्रण देने के लिए सोशल मिडिया या फिर महंगे निमंत्रण पत्रों का उपयोग करते है.
परन्तु वहीं आज के डिजिटल समय में भी कोंडागांव के पारंपरिक वार्षिक मेले में आने का निमंत्रण देने की सात सौ साल पुरानी परम्परा को निभाते चले आ रहे हैं।
वार्षिक मेले में व्यापरीयों और आम लोगो को आने के लिए आम के पत्ते से निमन्त्रित करने की परिपाटी बस्तर में रियासत काल से राजा प्रवीरकृष्ण भंजदेव के पूर्वजों के काल से चली आ रही है। प्रति वर्ष फागुन माह में पूर्णिमा से एक सप्ताह

पहले वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है.जिसे स्थानीय भाषा में मढ़ई मेला कहा जाता है,में शामिल होने के लिए मेला समिति के सदस्य और कोटवार साप्ताहिक बाजार में आये व्यापारियों,ग्रामीणों को आम पत्ता लगे टहनी हाथों मे ले कर निमंत्रण देते हैं .
मेला समिति के सदस्य नरपति पटेल ने कहा सभी शुभ कार्यों में आम पत्ते का उपयोग होता है इसलिए आम पत्ते को निमंत्रण पत्र का स्वरुप मान कर निमंत्रण दिया जाता है.परम्परा अनुसार आम की पत्ती से निमंत्रण देने से ही लोग मेले का आमंत्रण स्वीकार करते है |

Related posts

बेरला पुलिस की कार्यवाही – शराब मांगने की बात को लेकर की हत्या, आरोपी युवक गिरफ्तार…

jia

भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में दंतेवाड़ा में मनाई।

jia

तेंदूपत्ता संग्रहण की बोनस राशि , बीमा और छात्रवृत्ति राशि भुगतान के संबंध में भाजपा ने सौपा ज्ञापन ग्रामीणों को इस राशि के शीघ्र भुगतान की कलेक्टर से की मांग

jia

Leave a Comment

error: Content is protected !!