October 21, 2021
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लॉक डाउन का डर व कोरोना ने तोड़ा ग्रामीणों की उम्मीद
गोंचा पर्व में नही पहुँचे ज्यादा ग्रामीण तुपकी बेचने

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जिया न्यूज़:-जगदलपुर,

जगदलपुर:-सोमवार को गोंचा पर्व के चलते बस्तर क्षेत्र के साथ ही अंचलों से आये तुपकी बेचने वालों में काफी निराशा देखने को मिला, तुपकी बेचने वालों का कहना था कि पहले ही लॉक डाउन ने कमर तोड़ रखी थी उसके ऊपर के कोरोना के चलते तुपकी की बिक्री भी काफी कम हो रही है, जिससे घर के लिए जो थोड़ी बहुत मदद इस वर्ष भर के इस दिन से खर्च निकलता था वो भी अब मुश्किल हो गया है।

तुपकी बेचने छोटे मुरमा से आये देवेंद्र ने बताया कि तुपकी बनाने ने 15 दिन लगते है, उसमे भी पूरे परिवार के लोग रात दिन मेहनत करते है, जिसके बाद इसका निर्माण किया जाता है, लेकिन इतनी मेहनत के बाद भी लोग साल भर के इस दिन में 50 रुपये की तुपकी खरीदने के लिए भी आना कानी करते है, 3 साल पहले गोंचा में तुपकी बचते नही थे, और हालात ये हो गए है कि अब खरीददार ही नही आ रहे है,
इस अलावा बडे मुरमा के ही मनोज का कहना है कि ग्रामीणों को अभी भी लॉक डाउन का डर है, जिसके चलते बहुत ही कम लोग अपने हाथों से बनाये तुपकी को बेचने शहर आये है, कोरोना के डर के चलते भीड़ जमा ना हो और शासन प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही ना कर दे, इसलिए इस डर से अन्य लोग भी नही आये है, दिनभर मेहनत के बाद भी बनाये गए तुपकी की सही कीमत नही मिल पाई है।

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