August 8, 2022
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छत्तीसगढ़ को टीबी मुक्त करने को स्वास्थ्य कर्मचारी लेंगे शपथ

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जिया न्यूज़:-बेमेतरा से अरुण कुमार सोनी की रिपोर्ट,

बेमेतरा, :- राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 24 मार्च 2021 को जिला अस्पताल बेमेतरा में विश्व क्षय दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष का थीम “The Clock is Ticking” (घड़ी चल रही है) पर आधारित है। इस दिवस को मनाने का उदेश्य लोगों का ध्यान टीबी बीमारी की ओर आकर्षित करना है ताकि लोग इस बीमारी की गंभीरता को समझें और इसके बारे में जागरूक रहें।

कोरोना संक्रमण के दौर में अब हमें पहले से कही अधिक, इस मुद्दे पर जागरुकता बढ़ाने की जरुरत है क्योंकि कोरोना संक्रमण के कारण कहीं न कहीं टीबी मुक्ति अभियान पीछे छूट रहा है।वहीँ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्ष-2023 तक प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है जिसे प्राप्त करने के लिए हमें अथक प्रयास करने की जरुरत है।विश्व क्षय दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, मितानिन, जिला मितानिन समन्वयक तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के समस्त अधिकारी/कर्मचारी एवं जिला अस्पताल के कर्मचारियों की उपस्थिति में टीबी हारेगा देश जितेगा का आयोजन किया जाना है। इस दौरान विश्व क्षय दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी अधिकारी/कर्मचारी छत्तीसगढ़ को टीबी मुक्त करने की शपथ लेंगे।बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. के. शर्मा, सिविल-सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डा. वंदना भेले, एनटीईपी नोडल डॉ. जी.एस. ठाकुर द्वारा हरी झण्डी दिखाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। टीबी बीमारी से सम्बन्धित लक्षण एवं बचाव की जानकारी के लिए रैली एवं जनजागरुकता माइकिंग के माध्यम से आम-जनता को दिया गया।इस अवसर पर कोविड-19 को देखते हुये मास्क बांटकर आम जनता को टीबी के संबंध में जागरुक किया जाना है।जिला टीबी अधिकारी डॉ. जी.एस. ठाकुर ने बताया, “क्षयरोग एक संक्रामक रोग है। जो एक माइक्रो ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु के द्वारा होता है। टीबी के लक्षण दो सप्ताह से अधिक खांसी द्वारा, बुखार, कमजोरी, थकान, सांस में भारीपन व कभी-कभी बलगम में खून का आना टीबी का लक्षण है, ऐसे व्यक्ति जिसका दो हफ्तों से लगातार खांसी आ रही है। उपचार करने के बावजूद खांसी ठीक नही होता है। तो उस व्यक्ति केबल गम की जांच किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में करानी चाहिए। इसके अलावा एक्स-रे जांच एवं जिला क्षय उन्मूलन केन्द्र में सीबीनॉट जांच द्वारा भी टीबी की जांच की जाती है।

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