July 29, 2021
Uncategorized

बस्तर गोंचा पर्व नेत्रोत्सव पूजा विधान में आज भगवान जगन्नाथ के होंगे दर्शन
भगवान जगन्नाथ का भक्तों-श्रद्धालुओं से आयामिक मिलान कहलाता है, नेत्रोत्सव पूजा विधान

Spread the love

जिया न्यूज़:-जगदलपुर,

जगदलपुर:-बस्तर गोंचा पर्व 2021 में आज नेत्रोउत्सव पूजा विधान सपन्न होगा, जिसमे शताब्दियों पुरानी मान्यताओं एवं बस्तर के रियासतकालीन परंपराओं के अनुसार विधि-विधान से चंदन जात्रा पूजा विधान के पश्चात जगन्नाथ स्वामी के अस्वस्थता कालावधि अर्थात अनसर काल के दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन वर्जित अवधि में श्रीश्री जगन्नाथ मंदिर में स्थित मुक्तिमडप में स्थापित भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र स्वामी के विग्रहों को श्रीमंदिर के गर्भगृह के सामने भक्तों के दर्शनार्थ स्थापित किया जाएगा। जहां भगवान के विग्रहों का श्रृगार किया जाकर 360 घर आरयक ब्राह्मण समाज के ब्राह्मणो के द्वारा नेत्रोउत्सव के पूजा विधान को विधि विधान के साथ संपन्न करवाया जाएगा।
देवस्नान येष्ठ पूर्णिमा,चंदन जात्रा पूजा विधान 24 जून को सपन्नता के पश्चात 25 जून से 10 जुलाई तक भगवान जगन्नाथ स्वामी के अनसर काल की अवधि में भक्त-श्रद्धालु अनसर काल के दौरान 15 दिनों तक भगवान के दर्शन से वर्जित हो गए। भक्तो-श्रद्धालुओ के नयनाभिराम के लिए भगवान का भक्तो-श्रद्धालुओ के पास आ जाने से भक्तो- श्रद्धालुओं के आंखो से अश्रु छलक पड़ते है। यह भगवान जगन्नाथ का भक्तो- श्रद्धालुओं के साथ आयामिक मिलन ही नेत्रोत्सव पूजा विधान कहलाता है। भक्तो- श्रद्धालुओं के भगवान जगन्नाथ से मिलन नहीं अपितु भगवान जगन्नाथ का भक्तो- श्रद्धालुओं से श्रीमंदिर के बाहर आयामिक मिलन नेत्रोत्सव
पूजा विधान है।
भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए 360 घर आरयक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष ईश्वर खंबारी ने समस्त भक्तो- श्रद्धालुओं को सपरिवार श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर नेत्रोउत्सव पूजा विधान के पूजा लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया है।

Related posts

Chhttisgarh

jia

एबीवीपी की गीदम नगर की नयी कार्यकारिणी की गयी गठित

jia

कोरोना संकट के बीच जिला चिकित्सालय में कार्यरत 29 स्वास्थ्य कर्मियों को कार्य से निकाला गया

jia

Leave a Comment

error: Content is protected !!