September 21, 2021
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नगरनार व विशाखापट्टनम स्टील प्लांट निजीकरण, केन्दीय नीतियो के खिलाफ, सयुक्त लड़ाई मुहिम हेतु पहल करेगा मुक्तिमोर्चा-नवनीत चांद

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जिया न्यूज़:-जगदलपुर,

केंद्र सरकार के सरकारी उपक्रम शोषणनीतियों के तहत ,बस्तर के नगरनार व RINLके विशाखापट्टनम स्टील प्लांट के निजीकरण फैसले के खिलाफ होगा संयुक्त आंदोलन-मुक्तिमोर्चा

बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा विशाखापट्टनम जाकर, प्लांट निजीकरण के खिलाफ आंदोलन को देगा समर्थन व नगरनार प्लांट बचाने संयुक्त लड़ाई लड़ने हेतु करेगा अपील-मुक्तिमोर्चा

जगदलपुर:-बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के मुख्य सयोंजक नवनीत चाँद ने बयान जारी करते हुए कहा कि ,केंद्र में बैठी मोदी सरकार की सरकारी उपक्रम के साथ शोषण नीतियों के खिलाफ राज्य की बंदिशें तोड़ कर राजनीति से ऊपर उठ कर देश हित मे केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जनता की सयुक्त लड़ाई लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत लड़ने का समय आ गया है। जिसके तहत बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा बस्तर के विकास व रोजगार के सपनों से जुड़े NMDC के नगरनार स्टील प्लांट के केंद्रीय निजीकरण फैसले के खिलाफ जमीनी लड़ाई को और मजबूत करने व बस्तर की पीड़ा व पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश के की पीड़ा को एक समान समझ, RINL के उपक्रम विशाखापट्टनम स्टील प्लांट के केन्द्रीय निजीकरण तानाशाही फैसले के विरोध में हो रहे जन आंदोलन को समर्थन देकर बस्तर हित व विशाखापट्टनम हित को ध्यान में रख केंद्र सरकार शोषण नीतियो के खिलाफ संयुक्त लड़ाई लड़ने की अपील करेगा। मुक्तिमोर्चा ने अपने बयान में आगे कहा कि दोनों ही राज्यो के लोगो ने अपने इलाके के विकास व रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपनी जमीने दी ,और सरकारी उपक्रम की स्थापना में सरकार की मद्त की ,पर बस्तर में 5वी अनुसूची के बाद भी केंद्र व राज्य सरकार ने ग्राम सभा मे NMDC द्वारा बस्तर हितों में किये गए वादों को नही पूरा करने पर भी, जनता हित मे कार्यवाही करने के बजाए , प्लांट को नुकसान में बता बस्तर हितों की शर्तों का उलंघन कर प्लान को निजी हाथों में देने का फैसला कर दिया है। राज्य व केंद्र सरकारो की मिलीभगत पर दोनो ही राष्ट्रीय पार्टियो के जनप्रतिनिधियों ने विरोध का खोखला खेल रूपी षडयंत्र रच बस्तर वासीयों के विश्वास के साथ धोखा देने का कार्य किया जा रहा है। यही हाल आंध्रप्रदेश के राज्य सरकार व केंद्र सरकार का है। जिसके खिलाफ विशाखापट्टनम के निवासियों ने प्लांट के यूनियन व सर्वदलीय मंच के माध्यम से विरोध में जन आंदोलन प्रारम्भ कर दिया है। इसी कारण बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा ने दोनों ही राज्य की हितों हेतु प्रारम्भ आंदोलन को मजबूती देने की कोशिश करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ क्षेत्रीय हितों को बचाने हेतु संयुक्त लड़ाई लड़ने जरूरत को समझा कर ,बस्तर के नगरनार व विशाखापट्टनम स्टील प्लांट के निजीकरण को रोकने हेतु संयुक्त विरोध अभियान चलाने की अपील करेगा

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