November 30, 2022
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होली की तैयारी गुलाब, गेंदा और भाजियों से महिलाएं तैयार कर रहीं हर्बल गुलाल

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जिया न्यूज़:-बेमेतरा से अरुण कुमार सोनी की रिपोर्ट,

बेमेतरा :-होली पर्व के मद्देनजर स्व सहायता समूह की महिलाएं इन दिनों कैमिकल युक्त गुलाल को टक्कर देने हर्बल गुलाल के निर्माण में व्यस्त हैं। राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत कई स्व सहायता समूह की महिलाएं हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं। बताया जा रहा है कि समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हर्बल गुलाल की खासियत यह है कि इसके लगाने से चेहरे पर कोई साइड इफैक्ट नहीं होता है। इधर, हर्बल गुलाल के निर्माण की खबर शहर सहित ग्रामीण अंचलों में फैल गई है।

समूह को लोकल मार्केट से हर्बल गुलाल की डिमांड आ रही है। इसी प्रकार अन्य स्व सहायता समूह की महिलाओं को भी डिमांड आ रही है। उसके आधार पर समूह की महिलाए निर्माण कर रही है। सभी जिलों में महिला स्व सहायता समूह के द्वारा इस बार हर्बल गुलाल का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी वजह से इसकी डिमांड केवल जिला स्तर पर ही है।साग भाजी व टेसू के फूल से भी बना रहे हर्बल गुलाल सरस्वती महिला स्व सहायता समूह नवागढ़ द्वारा इस वर्ष की होली के लिए जड़ी, बुटी व फूलों से हर्बल गुलाल बनाने का कार्य कर रही है। संस्था से जुड़ी 10 ग्रामीण महिलाओं के द्वारा होली के लिए हर्बल गुलाल बना रही हैं।
समूह की गीता वैष्णव ने बताया कि केवल एक दिवसीय प्रशिक्षण पाकर महिलाओं के द्वारा प्राकृतिक साग-भाजी, टेसू फूल आदि से हाथों से हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं। उन्होंने दावा किया है कि इस गुलाल का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। माया समूह की महिलाओं ने बताया कि अभी हाल फिलहाल पीला, संतरा, लाल एवं चंदन रंग के गुलाल का निर्माण किया जा रहा है।
ग्रामीण आजीविका व्यापार केंद्र में कृषि विज्ञान केंद्र नवागढ़ द्वारा स्वैच्छिक संगठन निदान से जुड़ी सरस्वती स्व सहायता समूह नवागढ़ से जुड़ी महिलाओं को स्थानीय उपलब्ध हर्बल उत्पाद का गुलाल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है।
यहां की महिलाएं चावल आटा, अरारोट, पालक भाजी, गेंदा फूल, गुलाब फूल एवं नीम की पत्ती का उपयोग कर हर्बल गुलाल बना रही हैं। वर्तमान में कुछ और संस्थाओं ने गुलाल के लिए संपर्क किया है।

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