October 25, 2021
Uncategorized

रमन्ना के बेटे ने किया पुलिस के सामने आत्मसमर्पण
रावुला रंजीत उर्फ श्रीकांत, PPCM, BN द्वारा आत्मसमर्पण

Spread the love

जिया न्यूज़:-जगदलपुर,

जगदलपुर:-रावुला रंजीत उर्फ श्रीकांत का जन्म वर्ष 1998 में दण्डकारण्य जंगल में एक क्रांतिकारी विचारधारा वाले माओवादी दंपत्ति का पुत्र के रूप में हुआ एवं छत्तीसगढ़ राज्य के दक्षिण बस्तर संभाग में पला-बढ़ा। सुन्दरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज के अनुसार रावुला रंजीत उर्फ श्रीकांत स्व. रावुला श्रीनिवास उर्फ रमन्ना, सेन्ट्रल कमेटी सदस्य/सचिव, DKSZC तथा मादिवी सावित्री, DVCM किस्टाराम एरिया कमेटी का पुत्र है। बचपन से ही उसे बंदूक की बैरल के माध्यम से नई लोकतांत्रिक क्रांति (NDR) की स्थापना के उद्देश्य से क्रांतिकारी विचारधारा और राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बारे में सिखाया गया था। भाकपा (माओवादी) में कक्षा पहली से 6वीं तक पढ़े हुए विषय में पुट्टम उर्फ पुट्टपाडु क्षेत्र, छत्तीसगढ़ में जनताना सरकार स्कूल की स्थापना की, जहां उसे बचपन से ही क्रांतिकारी विचारधारा से रूबरू कराया गया।रावुला श्रीनिवास उर्फ रमन्ना ने गुप्त रूप से आर श्रीकांत पुत्र श्रीनु के नाम पर निजामाबाद के काकतीय स्कूल में उनका दाखिला करा दिया, जहां उसे 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की। छुट्टियों के दौरान, स्व. नागेश, डीवीसीएम, शबरी एरिया कमेटी की मद्द से दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) क्षेत्र का दौरा करता था। उसने अप्रैल, 2015 में 10वीं कक्षा पूरी करने के बाद भूमिगत सशस्त्र बलों में शामिल हो गया। स्व. नागेश, DVCM, शबरी एरिया कमेटी की वर्ष 2015 में हुई एक पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मृत्यु हो गई एवं रावुला श्रीनिवास उर्फ रमन्ना ने अपने बेटे को बाहर नहीं भेजने का फैसला किया क्योंकि उसे आशंका थी कि उसके बेटे की हरकतें पुलिस के सामने आ गई है। अपने पूरे जीवनकाल में दण्डकारण्य वन क्षेत्र के आदिवासियों को नई लोकतांत्रिक क्रांति (NDR) को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर शिक्षित किया एवं बटालियन में शामिल होने के पूर्व अप्रैल, 2015 से नवम्बर, 2017 तक अपने पिता के साथ भाकपा (माओवादी) की विचारधारा के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया।
रावुला रंजीत उर्फ श्रीकांत अपने पिता की सलाह पर नवम्बर, 2017 में भाकपा (माओवादी) बटालियन में शामिल हुआ और पार्टी सदस्य के रूप में पहली कंपनी की दूसरी प्लाटून में काम किया।
रावुला रंजीत उर्फ श्रीकांत को नवम्बर, 2019 में प्लाटून पार्टी कमेटी (PPC) के रूप में पदोन्नत किया गया।
रावुला रंजीत उर्फ श्रीकांत ने अपने भूमिगत जीवन के दौरान कई अन्य घटनाओं के अलावा सुरक्षा बलों पर 04 क्रूर हमलों एवं एक एम्बुश में भाग लिया
वर्ष 2018 में कासाराम में माओवादियों द्वारा एक माईन-प्रूफ वाहन पर आईईडी विस्फोट कर हमले की घटना में भाग लिया, जिसमें 09 सुरक्षा बल सदस्य शहीद हो गये।
वर्ष 2020 में एर्रम हमले में भाग लिया, जिसमें कंपनी पार्टी कमेटी (CYPC) के एक सदस्य मारा गया। उक्त घटना में सुरक्षा बलों को कोई हताहत नहीं हुआ। वर्ष 2020 में मिनपा हमले में भाग लिया, जिसमें माओवादियों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से एम्बुश लगाकर किए गये हमले में 23 सुरक्षाकर्मियों शहीद हो गये। उक्त पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 03 पार्टी कैडर भी मारे गये। माओवादियों द्वारा शहीद सुरक्षाकर्मियों के 12 एके-47 रायफल एवं 02 इंसास रायफल लूट कर ले गये। मई, 2013 में माओवादियों द्वारा जीरम घाटी हमले में भाग लिया, जिसमें कांग्रेस पार्टी के नेता/कार्यकर्ता, सुरक्षा बल एवं आम नागरिक कुल 27 लोगों की मृत्यु हुई थी। उक्त घटना में 06 माओवादी कैडर मारे गये एवं माओवादियों द्वारा शहीद सुरक्षाकर्मियों के 14 हथियार लूट कर ले गये। थिम्पुरम एम्बुश में भाग लिया किन्तु सुरक्षा बलों द्वारा एम्बुश क्षेत्र के बजाय अन्य क्षेत्र से होकर मूव्हमेंट किये जाने से एम्बुश विफल रहा। उनके संस्करण के अनुसार वर्ष 2020 में अपने पिता रमन्ना की मृत्यु के बाद कट्टा रामचंद्र रेड्डी उर्फ राजू दादा, विकल्प CCM अगस्त में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के सचिव के रूप में सफल हुआ। रावुला रंजीत उर्फ श्रीकांत अपनी मां के साथ बीमारी के दौरान अपने पिता की देखभाल किया एवं अपने पिता से बेहतर ईलाज कराने का अनुरोध किया, लेकिन उसने मना कर दिया। अंततः उसे दो बार दिल का दौरा पड़ने की वजह से उसकी मृत्यु हो गई।
उसने पुष्टि किया कि यापा नारायण उर्फ HB, CCM और सचिव, तेलंगाना स्टेट कमेटी की मृत्यु कोविड-19 संक्रमण एवं जंगलों में उचित उपचार नहीं होने के कारण हुई।
रावुला रंजीत उर्फ श्रीकांत के पिता की मृत्यु होने के बाद उसे पार्टी में काफी अपमान का सामना करना पड़ा। बटालियन में हर महीने में 05-06 व्यक्ति उम्मीदवार सदस्य के रूप में शामिल हुए और एक महीने के भीतर 05-10 व्यक्ति बिना किसी सूचना के पार्टी छोड़ रहे थे। रावुला रंजीत उर्फ श्रीकांत को आत्मसमर्पण की अनुमति देने से पार्टी द्वारा इंकार कर दिया गया। रावुला रंजीत उर्फ श्रीकांत ने माह जून में अपनी मां सावित्री, DVCM, किस्टाराम एरिया कमेटी के साथ काम किया। रावुला रंजीत उर्फ श्रीकांत द्वारा उसके पिता की मृत्यु के बाद गैरकानूनी माओवादी संगठन में बने रहने की निरर्थकता को महसूस करते हुये और तेलंगाना सरकार की व्यापक आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीतियों के प्रावधानों से आकर्षित होकर मुख्यधारा में शामिल होने एवं बेहतर जीवन जीने के लिए पार्टी छोड़ने का फैसला किया गया।

Related posts

जैन समाज के आराध्य संत आचार्य श्री महाश्रमण जी की अहिंसा यात्रा की नगर में की जा रही तैयारियां
देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रारंभ होकर तीन देशों सहित देश के अनेकों राज्यों से होकर पहुच रही है व्यवसायिक नगरी गीदम

jia

बकावंड ब्लाक पहुंच मुक्तिमोर्चा ने सचिव संघ, रोजगार सहायक जायज मांग को दिया समर्थन एवं लेंम्स निरीक्षण कर किसानों की सुनी समस्या-मुक्तिमोर्चा

jia

गांधी जयन्ती पर उपहार, महिला सेल थाना व अनुसूचितजाति/ जनजाति थाना का शुभारंभ

jia

Leave a Comment

error: Content is protected !!