July 1, 2022
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दक्षिण बस्तर अंचल में बड़ी ही धूमधाम से मनाया शिवरात्रि का पर्व
लौह पहाड़ियों के बीच स्थित रामाबूटी में भी लगा भक्तों का तांता

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जिया न्यूज़:-दिनेश गुप्ता-दंतेवाड़ा,

किरंदुल:-माता पार्वती व भगवान भोलेनाथ के विवाह का शुभ पर्व शिवरात्रि बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। और इस पर्व को हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

शिव भक्त इस पर्व का साल भर बेसब्री से इंतजार करते हैं। क्योंकि लोगों के मन में भगवान शिव के प्रति असीम आस्था और विश्वास है। गली, मोलल्ले, कस्बा, नगर सहित सभी जगह का माहौल शिव भक्ति मय हो जाता है।

चाहे नक्सल अंचल में स्थित तुलार गुफा की बात हो या समलूर का शिव मंदिर या बारसुर का बत्तीसा मंदिर या गुमरगुंडा का शिवालय सभी जगह सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्तों की कतारें लगी रहती हैं। इसी कड़ी में जिले के किरंदुल से 4 किलोमीटर दूर आसमान छूती पहाड़ियों के बीच स्थित रामाबूटी में भी शिवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों की कतारें लगी रहीं और शिव भक्त बेसब्री से भोलेनाथ के दर्शन का इंतजार करते रहे।

किरंदुल से 4 किलोमीटर दूर गाटर पुल से पश्चिम दिशा के रास्ते रामाबूटी तक पहुंचा जा सकता है। और रामाबूटी पहुंचने के बाद भक्तों को असीम आनंद की अनुभूति होती है। लौह नगरी व लौह पहाड़ियों के बीच स्थित रामाबूटी में विगत 15 वर्षों से शिवरात्रि के अवसर पर मेला आयोजित किया जाता है। जिसमें आसपास के अंचल के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

लोगों द्वारा बताया जाता है कि लौह पहाड़ियों के बीच से एक पानी की अदृश्य धारा निकलती है जो जो यहां पहुंचती है और इस कारण इसका नाम गंगेश्वर महादेव रामा बूटी रखा गया है। अभी तक इस पानी की धारा के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है कि है धारा कहां से निकलती है और यहाँ कहा से पहुचती है। रामा बूटी में भगवान भोले शंकर के साथ-साथ हनुमान जी की मूर्ति भी स्थापित है। और लोगों की आस्था इस जगह पर लगातार बढ़ते ही जा रही है और शिवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ती है।

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