June 25, 2022
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छात्रों व आदिवासी महासभा के अध्यक्ष बोमड़ा राम कवासी ने महाविद्यालय को स्थानांतरित करने का किया विरोध

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जिया न्यूज:-दंतेवाड़ा/गीदम,

पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय जावंगा को एजुकेशन सिटी जावंगा से अन्य जगह स्थानांतरित करने का हुआ विरोध

2016 से जावंगा में संचालित हो रहा महाविद्यालय

वर्तमान में महाविद्यालय में लगभग 200 नियमित छात्र कर रहे अध्ययन

गीदम:-पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय जावंगा एजुकेशन सिटी जावंगा गीदम में संचालित हो रहा है। लेकिन अपर संचालक उच्च शिक्षा संचनालय अटल नगर रायपुर के पत्र क्रमांक 461/129/आउशि/बजट/ 2022, रायपुर दिनांक 8/03/2022 के तहत इस महाविद्यालय को दंतेवाड़ा रूसा मद से निर्मित आदर्श आवासीय महाविद्यालय भवन में संचालित करने की बात कही गई है। जिससे वर्तमान में जावंगा में पढ़ रहे विद्यार्थियों को 20 से 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। गौरतलब है कि दंतेवाड़ा में पहले से ही दंतेश्वरी स्नातकोत्तर महाविद्यालय व शहीद महेंद्र कर्मा गर्ल्स महाविद्यालय संचालित है।महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों का कहना है कि इस महाविद्यालय को 2016 में आईटीआई जावंगा के बालक छात्रावास के एक छोटे से कमरे में प्रारंभ किया गया था। और शुरुआत में इसमें लगभग 50 से 60 बच्चे अध्ययनरत थे। लेकिन 6 वर्ष बीत जाने के बाद इस महाविद्यालय में छात्र संख्या 200 के पास पहुँच चुकी है। लेकिन आज तक इस महाविद्यालय को स्वयं का भवन नसीब नहीं हुआ है। जिसके संबंध में कई बार प्राचार्य व छात्रों द्वारा जिला कलेक्टर को पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब महाविद्यालय के उचित ढंग से संचालित होने के बाद इसे दंतेवाड़ा स्थानांतरित करने से सभी छात्रों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। महाविद्यालय में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र अनुसूचित जनजाति वर्ग व गरीब पिछड़े वर्ग के छात्र हैं। जिनकी स्थिति मजबूत नहीं है और महाविद्यालय के दंतेवाड़ा में स्थानांतरित होने के बाद अधिकतर छात्र वाहन का शुल्क वाहन नहीं कर सकते। इसलिए विद्यार्थियों ने मांग की है कि विद्यार्थियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय को जावंगा में ही संचालित किया जाए। और इसी शहर में इस महाविद्यालय के लिए भवन उपलब्ध कराए जाएं जिससे कि छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए मदद मिल सके नहीं तो कई छात्रों को अपनी वित्तीय स्थिति के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी। और वर्तमान में गीदम ब्लॉक में एक भी महाविद्यालय संचालित नहीं है।

आदिवासी महासभा के अध्यक्ष बोमड़ाराम कवासी ने भी छात्र हित को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय को जावंगा में ही संचालित करने की मांग की

आदिवासी महासभा के अध्यक्ष बोमड़ाराम कवासी ने भी कहा है कि एजुकेशन सिटी जावंगा में बच्चों के लिए महाविद्यालय नहीं होने के कारण इस महाविद्यालय को जावंगा में ही रखा जाए। दंतेवाड़ा में पहले से ही दो महाविद्यालय संचालित है। और यदि इस महाविद्यालय को दंतेवाड़ा स्थानांतरित किया जाता है तो गीदम के आसपास क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। एजुकेशन सिटी जावंगा से हर साल लगभग 200 से ज्यादा बच्चे 12वीं कक्षा पास करके निकलते हैं। उनके लिए इस एजुकेशन सिटी में महाविद्यालय होना अति आवश्यक है। और एजुकेशन सिटी में महाविद्यालय के लिए 18 एकड़ जमीन पहले से ही है। आदिवासी महासभा की शासन प्रशासन से मांग है कि बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय जावंगा को जावंगा में ही संचालित किया जाए। क्योंकि इस महाविद्यालय में गीदम के साथ साथ बस्तर जिले के बास्तानार, कोडेनार, बारसूर, बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक तक के बच्चे अध्ययन करने आते हैं।

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