July 29, 2021
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बरसी मनाने बीजापुर जा रहे सीपीआई व आदिवासी महासभा के नेताओं को प्रशासन ने जाने से रोका
आदिवासी महासभा के सुकमा जिला सचिव भीमा पोडियामी ने सारकेगुड़ा में मारे गए निर्दोष ग्रामीणों के लिए न्याय की मांग की

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जिया न्यूज़:-दंतेवाड़ा,

ग्राम सभा की अनुमति के बिना बस्तर में थाना व कैम्प खोलने का किया विरोध

दंतेवाड़ा:-बीजापुर जा रहे सीपीआई व आदिवासी महासभा के नेताओं को रोक दिया गया। ये सभी नेता बीजापुर के कोत्तागुडा मारे गये ग्रामीणों की बरसी मनाने जा रहे थे। इसमें सीपीआई के भीमा पोडियामी, बोमड़ा राम कवासी, विमला सोरी भीमसेन मंडावी सहित कई नेता शामिल थे। इन नेताओं को प्रशासन ने कोविड महामारी व सुरक्षा का हवाला देते हुए वहां जाने से रोक दिया।

आदिवासी महासभा के सुकमा जिला सचिव भीमा पोडियामी ने कहा कि 28 व 29 जून 2012 को बीजापुर जिले के कोत्तागुड़ा, राजपेंटा, सारकेगुड़ा के ग्रामीण बीज पंडुम त्यौहार मनाने के लिए एकत्रित हुए थे और वह आपस में मीटिंग कर रहे थे तभी सर्चिंग पर निकले हुए सुरक्षा बल के जवानों ने ग्रामीणों को बिना किसी चेतावनी दिए उन्हें घेरकर पर गोलाबारी कर दी जिस पर सात नाबालिक बच्चों समेत सत्रह ग्रामीण शहीद हो गए। जिसके बाद एक जांच कमेटी बनी और उसने जांच कर अपनी रिपोर्ट केंद्र व राज्य सरकार को दी और मांग की कि निहत्थे लोगों पर गोलीबारी करने वाले लोगो पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके लिए आदिवासी महासभा और सीपीआई ने बीजापुर में एक रैली भी की थी लेकिन अभी तक लोगों को निर्दोष लोगों को न्याय नही मिल पाया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और राज्यपाल से भी की गई और मुख्यमंत्री से इस घटना की जांच की मांग की गई और तात्कालिक मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने 11 जुलाई को इस घटना की न्यायिक जांच की घोषणा की। और रिटायर्ड जस्टिस अग्रवाल के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई जस्टिस अग्रवाल की कमेटी ने इसकी सुनवाई की। न्यायिक जांच कमेटी ने भी ग्रामीणों की हत्या की बात स्वीकार की। आज 28 जून को निहत्थे ग्रामीणों व घायलों को याद करने के लिए आदिवासी महासभा सारकेगुड़ा में एक कार्यक्रम करने वाला था। लेकिन प्रशासन द्वारा उस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर लोगों को जाने से रोकने का बहाना कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम प्रशासन से और शासन से लोगों के लिए न्याय मांगते हैं साथ ही उन्होंने कहा कि क्योंकि बस्तर पांचवी अनुसूची क्षेत्र है इसलिए कोई भी काम बस्तर में बिना ग्रामसभा की अनुमति के नहीं होना चाहिए और वर्तमान में शासन लगातार बिना ग्राम सभा के अनुमति के जगह-जगह थाना व कैंप खोल रहा है जो कि गलत है। हम शासन, प्रशासन से मांग करते हैं कि बस्तर में निर्दोष ग्रामीणों की हत्या रुकनी चाहिए और जितने भी फर्जी मुठभेड़ हुए हैं उनकी उचित तरीके से जांच कर दोषी अधिकारियों पर उचित कार्रवाई होना चाहिए नहीं तो आदिवासी महासभा व सीपीआई पार्टी लोगों के हित में लगातार सड़क की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। इस दौरान सीपीआई व आदिवासी महासभा के भीमा पोडियामी, बोमड़ा राम कवासी, विमला सोरी, भीमसेन मंडावी व अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

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