May 26, 2022
Uncategorized

बुरजी मे आंदोलनरत ग्रामीणों का आरोप
दंतेवाड़ा के डीआरजी जवानो ने गस्त के दौरान बीजापुर जिले के पुसनार के ग्रामीणों पर दागे लांचर और बुरजी मे आन्दोलनरत ग्रामीणों पर मारपीट एंव घरों मे कि तोड़फोड़

Spread the love

जिया न्यूज:-ईश्वर सोनी-बीजापुर,

बीजापुर:-जिले के गंगालूरथाना क्षेत्र के बूरजी में अपने विभिन्न मांगों को लेकर ग्रामीण पिछले डेढ़ सौ दिनों से आंदोलनरत है 7 अक्टूबर से ग्रामी ग्रामीण पुल पुलिया सड़क और कैंप के खिलाफ सिर्फ बूरजी ही नहीं बल्कि जिले के अलग-अलग इलाकों में लगातार आंदोलन कर रहे हैं और इस आंदोलन की शुरुआत सिलगेर से हुई थी जो अब चिंगारी बन कर जिले के चारों तरफ फैल रही है और इसी आंदोलन के बीच बुरजी में आंदोलनरत ग्रामीणों ने गश्त पर निकले जवानों पर आंदोलन के दौरान मारपीट और आनोदलन परिसर में तोड़फोड़ का बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है ग्रामीणों का आरोप है कि जवान जब गश्त से लौट रहे थे उसी दौरान बुरुजी में आंदोलनरत ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई और आंदोलन के लिए बनाए गए झोपड़ियों को भी तहस-नहस कर झोपड़ीयों में मौजूद रसद सामग्री और अन्य सामग्रियों को बाहर फेंक दिया गया आंदोलनरत ग्रामीणों ने यह आरोप दंतेवाड़ा के डीआरजी के जवानों पर लगाया है यही नहीं बल्कि ग्रामीणों के साथ मारपीट के साथ साथ दुर्व्यवहार और गाली गलौज का भी गंभीर आरोप जवानों पर लगा है बुरजी आंदोलन के लिए बनाए गए मूलवासी बचाओ मंच की अध्यक्ष सोनी पुनेम ने बताया कि शनिवार की देर शाम जवान पूसनार की ओर से गंगालूर की तरफ लौट रहे थे इसी दौरान जवानों ने बूरजी में आंदोलन के लिए बनाए गए अस्थाई कैंप में स्थित आंदोलनकारियों के झोपड़ियों में तोड़फोड़ करने के साथ-साथ कुछ युवाओं के साथ मारपीट की गई और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया सोनी पूनेम ने यह भी बताया कि वहां मौजूद कुछ महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और छेड़खानी भी की गई और जवान खुद को दंतेवाड़ा डीआरजी के जवान बता रहे थे साथ ही तत्काल आंदोलन छोड़कर गांव लौटने की धमकी भी जवानों द्वारा दी गई मंच की अध्यक्ष सोनी पुनेम ने बताया कि वह पिछले डेढ़ सौ दिनों से हजारों ग्रामीण शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं इस आंदोलन के दौरान ना तो कभी हिंसा हुई ना ही किसी शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई बल्कि जल जंगल जमीन और मूलवासी बचाओ के नारे के साथ शांतिपूर्वक आंदोलन किया जा रहा है जिसके लिए कलेक्टर बीजापुर से भी विधिवत अनुमति ली गई है उसके बावजूद जवानों द्वारा इस तरह आंदोलन में आकर आंदोलनकारियों के साथ मारपीट और उनके अस्थाई आवासों को तोड़फोड़ करना निंदनीय है आंदोलनकारियों का कहना है कि पुलिस से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है और ना ही शासन प्रशासन से उनकी दुश्मनी है पुलिस अपना काम करें उनकी लड़ाई नक्सलियों से है वे नक्सलियों से लड़े परंतु शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों और निर्दोष ग्रामीणों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश ना करें

दंतेवाड़ा के डीआरजी जवानो पर ये लगाए आरोप

इस पूरे मामले में आंदोलनकारी भोगाम धनु,ताती हिड़मा, लेकाम राजू, कारम शंकर, पूनेम सागर और पूनेम छोटू ने बताया कि डीआरजी के जवानों द्वारा गस्त से वापसी के दौरान आंदोलन प्रांगण में उनके साथ मारपीट की गई है साथ ही आंदोलन प्रांगण में रखे गए टेबलेट,सिरिंज निडिल, दवाई टेंट और खाद्य सामग्री को भी टेंट से निकाल कर बाहर फेंक दिया गया साथ ही चावल दाल मंच सजावट सामग्री को भी आग लगाने की कोशिश की गई इसके अलावा यह भी धमकी दी गई कि गांव में कैंप लगने के बाद मूल बचाओ मंच के सभी साथियों को मार गिराया जाएगा आंदोलनकारियों ने डीआरजी के जवान फागू कारम, राजू कारम और बदरू पोटाम का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके द्वारा ही सबसे ज्यादा आंदोलनकारियों को परेशान किया गया।

सभी आरोप बेबुनियाद,नक्सलियों ने दागे थे लॉन्चर– कमलोछन् कश्यप् एसपी

इस पूरे मामले में बीजापुर एसपी कमलोचन कश्यप ने आंदोलनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि गस्त से जब जवान वापस लौट रहे थे तब बुर्जी में आंदोलनकारियों द्वारा महिला कमांडो के साथ लौट रहे जवानों को रोककर उन पर पत्थर मारने की कोशिश की गई बावजूद जवानों द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई वहीं दूसरी ओर एसपी ने पूसनार में रॉकेट लांचर दागे जाने वाले मामले को लेकर बताया कि जब जवान ऑपरेशन से लौट रहे थे तभी पूसनार के पास नक्सलियों द्वारा एंबुश लगाकर जवानों पर हमला किया गया काफी देर तक चले फायरिंग के बाद नक्सलियों द्वारा ही गांव में लॉन्चर दागे गए और जो लांचर ग्रामीणों द्वारा बरामद किया गया वह लांचर जवानों के द्वारा नहीं बल्कि नक्सली द्वारा दागे गए थे।

Related posts

पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, जिला बीजापुर के कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक ने महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़-तेलंगाना अन्तर्राज्यीय सीमा सीमावर्ती क्षेत्र भोपालपट्टनम एवं तारलागुड़ा का भ्रमण किया।

jia

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने फिर दिखाई नाराज़गी,ऑनलाइन पोषण ट्रेकर एप से मुक्ति की बात उठायी
बड़े आंदोलन की भी चेतावनी दी

jia

विक्रम शाह मंडावी ने परधान आदिवासी समाज भवन का किया लोकार्पण

jia

Leave a Comment

error: Content is protected !!