June 18, 2021
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एक बार फिर से सिलगेर के ग्रामीणों ने शवों को रख कर कैम्प हटाने का जमकर नारेबाजी के साथ किया विरोध।

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जिया न्यूज़:-योगेंद्र सिंह भदौरिया-सुकमा,

सुकमा;-फिर एक बार ग्रामीणों ने मृतकों के शव के साथ इकट्ठा हो कर नारे बाजी की सिलगेर में गोलीबारी में मारे गए लोगों के शवों को बुधवार को ही पुलिस ने परिजनों के हाथों सौंप दिया था जिन्हें बीजापुर से उनके गृह ग्राम भेज दिया गया था मिली जानकारी अनुसार तीनों मृतक उईका मुरली तिम्मापुरम निवासी उरसा भीमा निवासी गुंडम एवं कवासी वागा निवासी चुठवाई के शव उनके गाँवों तक बुधवार की साम ही पहुँच गए थे जहां से तीनों मृतकों के शवों को सिलगेर लाया गया सिलगेर गाँव में तीनों मृतकों के शव ग्रामीणों की बड़ी भीड़ के बीच रखा गया जहां ग्रामीणों ने मौन धारण कर मृतको को श्रद्धांजलि दीजिसके बाद शवों को उनके परिजनों के हाथों सौंप दिया गया

इस दौरान ग्रामीणों ने पुरे घटनाक्रम के विरोध में जमकर नारेबाज़ी की और पुरे मामले पर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की माँग की ।जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा मृतकों के परिजनों को दस दस हजार रुपए की राशि दी गई थी जिसे परिजनों ने पैसे लेने से इंकार करते हुए कहा की जिनकी जान जानी थी चली गई पैसे का हम क्या करेंगे यह कह कर जो राशि दी गई थी उससे वापस करने की बात कही।वही ग्रामीणों ने नए कैम्प के विरोध में भी जमकर नारेबाज़ी की और कैम्प एवं जगरगुंडा से बासागुड़ा मार्ग पर निर्माणाधीन सड़क का निर्माण बंद करने की माँग की है साथ ही ग्रामीणों ने स्कूल,अस्पताल और आंगनबाड़ी जैसे सुविधाओं के लिए सरकार से मांग भी की।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है की आदिवासियों के जल जंगल ज़मीन को लूटने सड़क एवं कैम्प का निर्माण कराया जा रहा है

वही इस दौरान गोंडवाना समाज के बीजापुर ज़िलाध्यक्ष तेलम बौरैया और ज़िला उपाध्यक्ष सुखमती हपका भी मौक़े पर मौजूद थे तेलम बौरैया ने ग्रामीणों से कहा है की आज सामाजिक जाँच समिति नहीं आ पाई है इसके बाद भी शासन प्रशासन से बात कर जाँच समिति को लेकर आएँगे और पुरे मामले की जाँच की जाएगीसर्व आदीवासी समाज द्वारा पुरे मामले की जाँच के लिए जिन 14 लोगों की समिति बनाई है उस समिति को गुरूवार को सिलगेर पहुँचना था जहां सिलगेर में मृतकों के शवों के बीच ग्रामीणों से मामले की जानकारी भी ली जाती पर बीजापुर और सुकमा ज़िले से पहुँचने वाली सात सात लोगों की दोनों समिति को पुलिस ने रोक लिया इधर जगरगुंडा में रोकी गई समिति को सुरक्षा कारणों का जवानों ने हवाला देना बताया गया है साम तक समिति के सदस्य जगरगुंडा में ही बैठे रहे पुलिस द्वारा मृतकों के शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया था बुधवार की साम तक सभी शव मृतकों के गाँवों तक पहुँच गई थी जहां से तीनों के शवों को वापस सिलगेर लाया गया जहां बीजापुर के गोंडवाना समाज के अध्यक्ष तेलम बौरैया द्वारा परिजनों को सौंप दिया गया जहां से ट्रैक्टरों के माध्यम से शवों को लेकर परिजन गाँवों के लिए रवाना हो गए जहां साम तक सभी के अंतिम संस्कार करने की खबर मिली है

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