November 27, 2022
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भावनाओं को दिया शब्द,शब्द से पद्मश्री-ऐसे हैं तीसरी पास ओडिसा के हलधर नाग

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जिया न्यूज:दंतेवाड़ा,

दंतेवाड़ा:-ओडिशा का यह नाम अब परिचय का मोहताज नहीं रहा ।उन्हें पद्मश्री आमंत्रण तो मिला लेकिन जाने के लिएकिराया बतौर उनके पास थे केवल 732 रुपये ।अतः उन्होंने संदेश दिया कृपया पुरस्कार डाक से भिजवा दें ।मूलतः कोसली भाषा के कवि केवल तीसरी पास है ।बचपन में अनाथ होने के कारण पढ़ाई छोड़ ढाबा में बर्तन मांजा ।फिर एक हजार रुपये बैंक लोन लेकर परचून की दुकान खोली और फिर शुरू हुआ भावनाओं को शब्द देने का सिलसिला ।
उनके लिखे हलधर-2 को सरकार ने पाठ्यक्रम में शामिल किया है । 20 महाकाव्य और राम-शबरी जैसी कविता उन्होंने लिखी और जबानी याद भी है उन्हें।आज उनके लिखे भावना रूपी शब्दों के लिए पांच विद्यार्थी साहित्य में पीएचडी कर रहे हैं ।आज हमारे बीच प्रेरणा के लिये ऐसे व्यक्ति का होना सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात है ।

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