September 22, 2021
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अ से अनार व आ से आम की पढ़ाई करा कर भविष्य गढ़ने उफनती नदी को पार कर स्कूल खोलने, बीईओ पहुंचे कमकानार

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जिया न्यूज़:-राजेश जैन-बीजापुर,

बीजापुर:- कोरोना संक्रमण के कुछ कम होने की स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार अब धीरे-धीरे बंद स्कूलों को खोलने का सिलसिला शुरू हो चुका है स्कूलों को खोलने के इस सिलसिले के बीच शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारी और शिक्षकों की मुश्किलें भी चुनौतियों के रूप में उभर कर सामने आने लगी है शहरी और ग्रामीण इलाकों को छोड़ दें तो अंदरूनी इलाकों में स्थिति बिल्कुल विपरीत है शिक्षकों को पहुंच विहीन और दुर्गम इलाको में शिक्षा का अलख जगाने और स्कूल के संचालन के लिए पगडंडी या जंगली रास्ते नहीं बल्कि उफनते हुए नदी नालों को पार कर स्कूल तक पहुंचने की चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है, हाल ही में बीते 15 सालों से कमकानार ग्राम पंचायत में बंद पड़े स्कूल को पुनः खोलने के लिए सिर्फ शिक्षकों को ही नहीं बल्कि बीजापुर के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को भी मुश्किलों का सामना कर उस गांव तक जाना पड़ा जहां अब 15 साल बाद एक बार फिर से गांव के बच्चे प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

बीजापुर से तकरीबन 30 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत कमकानार में डेढ़ दशक बाद स्कूल को पुनः खोलने का मौका था।यहां ग्रामीणों की पहल और बीजापुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल के अथक प्रयासों से स्कूल के संचालन के लिए डीएमएफ मद से एक शेड का निर्माण करवाया है इस स्कूल को अब आगे संचालित करने के लिए यहां शिक्षक याने की ज्ञान दूतों की आवश्यकता थी जिसके लिए ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से गांव के ही पढ़े-लिखे युवक को ज्ञान दूध में नियुक्त करने का प्रस्ताव प्रशासन के सामने रखा है जिसके बाद बीईओ मोहम्मद जाकिर खान अपने सीएससी राजेश सिंह और किरण कावरे के साथ रेड्डी और कमकानार के बीच मौजूद उफनते हुए वेरुदी नदी को पार कर इस गांव में बनाए गए अस्थाई स्कूल शेड तक पहुंचे थे जहां पहुंचने के बाद ग्रामीणों द्वारा किए गए नवप्रवेशी बच्चो के सर्वेक्षण के हिसाब से तकरीबन डेढ़ सौ से ज्यादा छात्रों के संख्या का आकलन किया गया जो अब 15 साल बाद गांव में ही प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे इसके लिए बीईओ जाकिर खान ने शेड निर्माण के साथ ही स्कूल में बच्चों को मिलने वाली सारी सुविधाएं 12 अगस्त तक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है और अब बहुत जल्द ही गांव के ही शिक्षित युवकों के के माध्यम से इस गांव में नए सिरे से शिक्षा की अलख जगाई जा सकेगी बीईओ खान का कहना है कि गांव में सन 2005 से लेकर आज पर्यंत तक स्कूल का संचालन बंद था जिसके चलते यहां के बच्चे अन्यत्र कस्बाई इलाकों में स्थित पोटा केबिन या छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे थे परंतु प्राथमिक शिक्षा के लिए अब भी मुश्किलें खड़ी थी जिसके बाद अब ग्रामीणों की पहल से और बीजापुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल के मजबूत इरादों के चलते अब इस गांव में शेड के माध्यम से स्कूल का संचालन किया जाएगा जिसके लिए सभी अनिवार्य सामग्री समेत पाठ्यपुस्तक और बच्चों के लिए निशुल्क गणवेश उपलब्ध कराए जाएंगे इस स्कूल तक पहुंचने के लिए बीईओ जाकिर खान समेत शिक्षकों को कीचड़ से सने रास्ते से ही नहीं बल्कि उफनते हुए नदी को पार कर यहां तक पहुंचना पड़ा था स्कूल के संचालन की शुरुआत होते ही ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग का आभार जताते हुए जल्द ही स्कूल को प्रारंभ करने की अपील की हैं।

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